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अजित वाडेकर ने तेंदुलकर को बनाया महान बल्लेबाज, अपनी कोचिंग में कुछ यूं संवारा था

Thu, 16 Aug 2018 01:28 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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अजित वाडेकर और सचिन तेंदुलकर
पूर्व भारतीय कप्तान अजित वाडेकर का बुधवार को मुंबई में निधन हो गया। 77 वर्षीय वाडेकर ने कई भूमिकाएं निभाते हुए भारतीय क्रिकेट की सेवा की। वह पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्यायों से जूझ रहे थे। टीम इंडिया ने वाडेकर के नेतृत्व में 1971 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में पहली बार टेस्ट सीरीज जीती। वाडेकर के घर में उनकी पत्नी रेखा, एक बेटा और बेटी रहती है। बेटा और बेटी दोनों ही विदेश में रहते हैं।
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अजित वाडेकर
बाएं हाथ के बल्लेबाज वाडेकर ने 1966 में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू किया और 37 टेस्ट में एक शतक व 14 अर्धशतकों की मदद से 2,113 रन बनाए। महान क्रिकेटर ने 1974 में संन्यास की घोषणा की। रोचक बात यह है कि चयनकर्ता समिति के चेयरमैन और पूर्व कप्तान विजय मर्चेंट के वोट ने टाइगर पटौदी के हाथों से कप्तानी छीनी और जनवरी 1971 में वाडेकर को यह जिम्मेदारी सौंपी। खेल से कुछ समय दूर रहने के बाद वाडेकर को भारतीय टीम का कोच नियुक्त किया गया, जिनके मार्गदर्शन में भारत ने 1992 में दक्षिण अफ्रीका का ऐतिहासिक दौरा किया।
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ajit wadekar
वाडेकर ने तत्कालीन कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के साथ विजयी साझेदारी बनाई, विशेषकर घर में। इसके बाद सचिन तेंदुलकर का करियर संवारने में भी वाडेकर ने अहम भूमिका  निभाई। 1994 में न्यूजीलैंड के दौरे पर वाडेकर ने ही सचिन तेंदुलकर को ओपनिंग पर भेजने का फैसला लिया था, जिसके बाद मास्टर ब्लास्टर का करियर पूरी तरह बदल गया। तेंदुलकर ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे चलकर बल्लेबाजी के कई रिकॉर्ड्स तोड़े। वह क्रिकेट के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की श्रेणी में शामिल हुए।

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अजित वाडेकर
तेंदुलकर को भी अजित वाडेकर के जाने का गहरा दुख लगा। उन्होंने ट्विटर पर वाडेकर को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'अजित वाडेकर सर के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुखी हूं। वह ऐसे शख्स थे, जो 90 के दशक में हमारा सर्वश्रेष्ठ निकलवाना जानते थे। हम हमेशा उनकी सलाह और मार्गदर्शन के आभारी रहेंगे। इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार को शक्ति मिलने की प्रार्थना करता हूं। आपकी आत्मा को शांति मिले।'



 
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अजित वाडेकर
वहीं मोहम्मद अजहरुद्दीन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि वाडेकर के निधन से उनका निजी नुकसान भी हुआ है। अजहरुद्दीन ने कहा, 'वाडेकर बेहतरीन खिलाड़ी और कप्तान थे। वह महान व्यक्तियों में से एक थे।' इसके बाद ट्विटर पर अजहर ने लिखा, 'एक आइकोनिक व्यक्ति। उनकी मृत्यु से बहुत दुख हुआ!! सर मेरे लिए पिता के समान थे। उनकी आत्मा को शांति मिले। परिवार को मेरी गहरी संवेदनाएं।'




 
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सचिन तेंदुलकर और अजित वाडेकर
वाडेकर ने टीम इंडिया के 1996 विश्व कप सेमीफाइनल में बाहर होने के बाद कोच पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने चयनकर्ताओं के चेयरमैन के रूप में अपनी सेवाएं दीं। क्रिकेट प्रशासक के रूप में भी वाडेकर ने अपने हाथ आजमाए। उन्होंने शरद पवार से इसका चार्ज लिया। फिर 2001 में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए भी अपनी उम्मीद्वारी रखी।
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सचिन तेंदुलकर
वाडेकर के पड़ोसी और पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने कहा, 'एक और महान खिलाड़ी और मेरे सर्वकालिक पसंदीदा क्रिकेटर का देहांत हो गया। वह 60 के दशक के सबसे लोकप्रिय क्रिकेटरों की लिस्ट में शामिल हैं। मुंबई और भारतीय कप्तान के रूप में उनका योगदान उम्दा है। वह स्टाइलिश बल्लेबाज भी थी। 1971 में वाडेकर की टीम ने ही विदेश में जीत का ट्रेंड सेट किया।'
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sourav ganguly
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने भी वाडेकर की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मैं वाडेकर सर को बहुत मिस करूंगा। वह मेरे बेहद करीब थे। काफी दुखद दिन।'
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