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वो पांच कारण जो बताते हैं रवि शास्त्री ही बनेंगे टीम इंडिया के हेड कोच

Fri, 16 Aug 2019 04:32 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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टीम इंडिया के अगले का कोच का एलान अब से कुछ ही देर बाद होने वाला है। भारतीय टीम के कोच पद के लिए 2 हजार से ज्यादा आवेदन आए थे। मगर कपिल देव की अगुआई वाली क्रिकेट एडवाइजरी काउंसिल ने 6 लोगों को शॉर्ट लिस्ट किया है। जिसमें तीन भारतीय तो तीन विदेशी उम्मीदवार हैंं। मुंबई में इंटरव्यू जारी है। वेस्टइंडीज दौरे पर गए वर्तमान कोच रवि शास्त्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंटरव्यू में हिस्सा लेंगे।
 

शास्त्री के अलावा न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर टॉम मूडी, वेस्टइंडीज के पूर्व ओपनर फिल सिमंस, टीम इंडिया के पूर्व मैनेजर लालचंद राजपूत और टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच रॉबिन सिंह इस दौड़ में शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो रवि शास्त्री का चुना जाना लगभग तय है। ऐसे में आइए जानते हैं वो कौन से 5 कारण हैं, जिसके बूते रवि शास्त्री इस रेस में सबसे आगे नजर आ रहे हैं।
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विराट कोहली और रवि शास्त्री - फोटो : सोशल मीडिया
विराट की पहली पसंद 

कप्तान विराट कोहली के सार्वजनिक समर्थन के बाद अगर शास्त्री को 2021 में भारत में होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए दोबारा जिम्मेदारी मिलती है तो अधिक हैरानी नहीं होगी। वेस्टइंडीज रवाना होने से पहले कोहली ने मुंबई में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि, ‘सीएसी (क्रिकेट सलाहकार समिति) ने इस मुद्दे पर अभी तक मुझ से संपर्क नहीं किया है। रवि भाई के साथ हम सब का तालमेल काफी अच्छा है और इससे (अगर वह कोच बने रहते है) हम सब काफी खुश होंगे।’ भारतीय कप्तान ने कहा मौजूदा कोच रवि शास्त्री की सराहना करते हुए उन्हें दोबारा कोच के पद पर देखने की इच्छा जताई थी।
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रवि शास्त्री और विराट कोहली - फोटो : सोशल मीडिया
रवि शास्त्री का परफॉर्मेंस

शास्त्री का 2017 में भारतीय टीम से मुख्य कोच के रूप में जुड़ने के बाद से रिकॉर्ड काफी अच्छा है। इस दौरान पिछले साल भारत ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पहली बार टेस्ट सीरीज जीती। शास्त्री के मार्गदर्शन में जुलाई 2017 से भारत ने 21 टेस्ट में से 13 में जीत दर्ज की। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में तो प्रदर्शन और भी बेहतर रहा जहां भारत ने 36 में से 25 मैचों में जीत दर्ज की। एकदिवसीय में भी भारतीय टीम 60 में से 43 मुकाबले जीतकर हावी रही। टीम हालांकि विश्व कप 2019 में उनके मार्गदर्शन में सेमीफाइनल से आगे बढ़ने में नाकाम रही। कैरेबियाई सरजमीं पर हालांकि टी-20 और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का दबदबा दर्शाता है कि टीम इंडिया अधिकांश चीजें सही कर रही है।

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टीम इंडिया के मुख्य कोच की दौड़ में - फोटो : social media
छह नामों में सबसे भारी शास्त्री

क्रिकेट एडवाइजरी काउंसिल सीएसी में कपिल देव के अलावा टीम इंडिया के पूर्व ओपनर अंशुमान गायकवाड़ और महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी शामिल हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बोर्ड विदेशी कोच के पक्ष में नहीं है, ऐसे में रवि शास्त्री का पिछला कार्यकाल और अनुभव उनके दोनों भारतीय प्रतिद्वंद्वी रॉबिन सिंह और लालचंद राजपूत पर भारी पड़ता है।

लालचंद 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2008 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर सीबी सीरीज जीतने वाली टीम के मैनेजर थे। उन्होंने कोचिंग करियर की शुरुआत अंडर-19 से की। 2007 में इंग्लैंड दौरे के लिए उन्हें भारतीय अंडर-19 टीम का कोच बनाया गया था। पिछले साल उन्होंने जिम्बाब्वे के कोच पद की जिम्मेदारी संभाली थी।

दूसरी ओर रॉबिन सिंह टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच थे। वे 2007-09 में टीम इंडिया के फील्डिंग कोच बने। इसके बाद 2008 में ही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पहले सीजन में डेक्कन चार्जर्स के कोच नियुक्त हुए। उन्हें 2010 में मुंबई इंडियंस ने 3 साल के लिए कोच बनाया। उनके रहते हुए टीम 2010 में उपविजेता बनी।

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रवि शास्त्री और संजय बांगर - फोटो : सोशल मीडिया

अन्य खिलाड़ियों के भी चहेते

रवि शास्त्री को सिर्फ कप्तान विराट कोहली का ही समर्थन नहीं है बल्कि टीम के सीनियर खिलाड़ी रोहित शर्म और एमएस धोनी से भी शास्त्री के मधुर संबंध है। खुद विराट ने सार्वजनिक मंच पर यह भी कहा था कि अगर शास्त्री दोबारा कोच बनते हैं तो पूरी टीम खुश होगी। हालांकि काेच पद चुनने के लिए बीसीसीआई का एक पैमाना ये भी है कि उक्त दावेदार ने कम से कम 30 टेस्ट और 50 वनडे खेले हो, लेकिन माइक हेसन के मामले में इस नियम को नजरंदाज किया गया है। हेसन ने कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन उन्होंने न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम को कई अहम सफलताएं दिलाईं हैं। इस बारे में बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने बताया है कि इस पैमाने को इसलिए नजरअंदाज किया गया है क्योंकि हमने इस पद के लिए अनुभव को भी तरजीह दी है
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virat kohli ravi shastri

पूर्व खिलाड़ियों का समर्थन

शास्त्री का खुलेआम पक्ष लेने के बाद भारत के कई पूर्व खिलाड़ियों ने विराट का समर्थन किया। दो पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांंगुली और अजहरुद्दीन ने भी कहा था कि विराट को पूरा हक है कि वह अपनी पसंद बताए। अगर कप्तान और खिलाड़ियों को रवि शास्त्री ही पसंद हैं तो क्यों न उनके प्रदर्शन को आधार बनाकर शास्त्री को एक मौका और दिया जाए। अब भारतीय टीम का कोच कौन बनेगा यह तो आज शाम सात बजे तक पता लग ही जाएगा, फिलहाल आपकी क्या पसंद है नीचे कमेंट करके जरूर बताए।

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