भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध घुसपैठ के सवाल पर लंबे समय तक संबंध खराब रहे। जबकि असम के विकास में बांग्लादेश मददगार हो सकता है।
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भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध घुसपैठ के सवाल पर लंबे समय तक संबंध खराब रहे। जबकि असम के विकास में बांग्लादेश मददगार हो सकता है। भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध बेहतर होने के बाद व्यापार और संपर्क सुधरे हैं। इसका लाभ असम को उठाना चाहिए। हितधारकों के सम्मेलन में पर्वोत्तर के राज्यों और बांग्लादेश के बीच आवागमन के बेहतर साधन और व्यावसायिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाते हुए विकास की नई बुलंदियों को छूने पर दोनों देशों के नेताओं और अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श हुआ।
असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल मानते हैं कि बांग्लादेश के साथ असम रिश्ता साझा संस्कृति, विरासत, साहित्य और भाषा पर आधारित है। बांग्लादेश और भारत के लोगोें के बीच जो रिश्ता है वह गर्मजोशी और स्नेह से भरा है। महान गायक डॉ. भूपेन हजारिका का गीत ‘‘गंगा आमार मां, पद्मा आमार मां’’ पूरी तरह से भारत के पूर्वोत्तर सीमा पर रहने वाले लोगों की पहचान और सांस्कृतिक बंधन के अविभाज्य रिश्तों का प्रतीक है। डॉ. हजारिका का गीत ‘जॉय जॉय नबजातो बांग्लादेश’ जो उन्होंने बांग्लादेश के एक संप्रभु गणराज्य के रूप में उभरने पर लिखा था। यह गीत बांग्लादेश के प्रति असम के लोगों की भावनाओं की गहनता के बारे में संकेत देता है।
इसी तरह, कला और संस्कृति के क्षेत्र में बांग्लादेश की कई दिग्गज हस्तियों के बीच, जो नाम तुरंत हमारे दिमाग में आते हैं, वे कवि काजी नजरूल इस्लाम और प्रसिद्ध गायक रूना लैला हैं। उनके गीत और कविताएं हमारे संबंध को मजबूत करते हैं और अधिक से अधिक सद्भावना उत्पन्न करते हैं। कई महान असमियां हस्तियों ने ढाका विश्वविद्यालय और सिलहट के मुरारी चंद कॉलेज में भी अध्ययन किया। असमिया कलागुरु बिष्णु प्रसाद राभा ढाका में पैदा हुए थे।
बांग्लादेश के साथ बेहतर व्यापारिक संबंध का उपयोग करने का वक्त आ गया है। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह एक अवसर है। इसके लिए भारत-बांग्लादेश सीमा पर बुनियाद सुविधाओं के साथ बेहतर सड़क संपर्क भी जरूरी है। सीमा हाट का विस्तार इन दो देशों के सीमावर्ती इलाके के लोगों की आर्थिक हालत को सुधारने में मदद कर सकते हैं।
(लेखक दैनिक पूर्वोदय के संपादक और पूर्वोत्तर मामले के जानकार हैं।)
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