फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फायरिंग रेंज की जद में बस्ती: पुलिस की गोलियां छतों-दीवारों को भेदती रसोई तक पहुंची; अफसर बोले- हमारी नहीं

Tue, 17 Jan 2023 02:23 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कांकेर

सार

ग्राम पटेल भूपेंद्र नरेटी ने बताया इसी तरह करीब महीना भर पहले उसके मकान के छप्पर पर गोली गिरी थी। उसने बताया कि बस्ती के कई मकानों, पेड़ों पर गोलियों के निशान हैं। इसे लेकर शिकायत तहसीलदार से भी की गई थी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। 
 
विज्ञापन
1 of 5
किचन में आकर गिरी गोली। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छत्तीसगढ़ के कांकेर में पुलिस की फायरिंग रेंज ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। इस फायरिंग रेंज की जद में गांव की बस्ती तक आ गई है। अभ्यास के दौरान जवानों की बंदूक से निकली गोलियां लोगों के घरों की छत और दीवारों को भेदते हुए रसोई घर तक पहुंच रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसे लेकर पुलिस और प्रशासन से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं अफसरों ने मौके पर मिली गोली को अपना मानने से इनकार कर दिया है। 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
रसोई तक पहुंच गोली चूल्हे में जा धंसी। इस दौरान महिला चूल्हे के पास बैठ भोजन पका रही थी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना के समय महिला रसोई में बना रही थी खाना
दरअसल, भानुप्रतापपुर के रानवाही से सटे देवदरहा पहाड़ी पर पुलिस की फायरिंग रेंज बनाई गई है। अभ्यास के दौरान रविवार दोपहर इंसास राइफल से निकली गोली ग्रामीण माखन पटेल की रसोई में पहुंच गई। इस दौरान घर की महिला थामेश्वरी पटेल भोजन बना रही थी। थामेश्वरी ने बताया कि तेज आवाज के साथ कोई चीज दीवार में आकर धंस गई। फिर नीचे गिर पड़ी। पास जाकर देखा तो बंदूक की गोली पड़ी हुई थी। इसके बाद परिवार वालों और आसपास के लोगों को जानकारी दी। 
विज्ञापन

3 of 5
देवदरहा पहाड़ी जहां पुलिस फायरिंग अभ्यास करती है। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव से करीब 500 मीटर दूर है फायरिंग रेंज
ग्राम कोटवार वीरेंद्र चालकी ने बताया पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ओर से फायरिंग का अभ्यास देवदरहा पहाड़ी में किया जाता है। यह पहाड़ी गांव से करीब 500 मीटर दूर है। यहां लगातार फायरिंग होती रहती है। इसकी आवाज सुनना आम बात है। यहां अभ्यास के दौरान चलाई जा रही बंदूक की गोलियां हमारे घरों तक आ रही है। ग्रामीण दरबारीराम जैन ने कहा पुलिस को फायरिंग क्षेत्र बदलना चाहिए। यह आबादी वाला एरिया है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

4 of 5
सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला
फायरिंग से पहले मुनादी भी बंद 
कोटवार और ग्रामीणों ने बताया पिछले दो साल से यहां पुलिस फायरिंग अभ्यास कर रही है। शुरुआत में फायरिंग से पहले गांव में मुनादी कराई जाती थी, अब बंद कर दी गई है। कभी भी फायरिंग शुरू कर दी जाती है। ग्रामीणों ने बताया पहाड़ी के पास छोटे-छोटे ईंट-भट्टे हैं। कुछ लोग खेती करते हैं। कुछ ग्रामीण जंगल में वनोपज के लिए जाते थे। अब फायरिंग रेंज में अचानक गोली चलने के कारण ग्रामीणों ने ये सभी कार्य बंद कर दिए हैं। उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भानुप्रतापपुर थाना। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसडीओपी ने कहा- यह बंदूक की गोली नहीं
एसडीओपी प्रशांत पैंकरा ने कहा यह फायरिंग अभ्यास के दौरान बंदूक से निकली गोली नहीं है। फायरिंग रेंज में 300 मीटर दूर तक ही गोली जाएगी। 500 मीटर तक संभव नहीं है। इन गालियों की जांच कराई जाएगी। अब फायरिंग के पहले मुनादी भी कर सावधानी बरतने का अलर्ट जारी किया जाएगा। साथ ही फायरिंग क्षेत्र में अलग से जवान भी तैनात किए जाएंगे ताकि कोई अनहोनी ना हो। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें