फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: क्या इस बार हार का सिलसिला तोड़ पाएंगी करुणा शुक्ला?

Wed, 24 Oct 2018 07:23 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
छत्तीसगढ़ में इस बार दिलचस्प चुनावी तस्वीर उभर रही है। सीएम रमन सिंह के सामने भाजपा की सत्ता बनाए रखने की चुनौती है। भाजपा यहां 15 साल से सत्ता पर काबिज है। रमन सिंह राजनांदगांव से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने हैं दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला जिन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा है।
विज्ञापन

2 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को राजनांदगांव से रमन सिंह के खिलाफ उतारा है।
विज्ञापन

3 of 6
राहुल गांधी से मिलते हुए करुणा शुक्ला
करुणा शुक्ला जांजगीर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा से सांसद रह चुकी हैं। साल 2013 में विधानसभा चुनाव के बाद करुणा शुक्ला ने भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। उन्होंने भाजपा पर उपेक्षा का आरोप लगाया था।

4 of 6
करुणा शुक्ला
कांग्रेस को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ करुणा शुक्ला को उम्मीदवार बनाए जाने का उसे फायदा होगा। कांग्रेस से जुड़ने के बाद से करुणा राजनांदगांव क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह पार्टी की मजबूत उम्मीदवार हैं और वह सिर्फ मुख्यमंत्री को चुनौती नहीं देंगीं बल्कि उनके खिलाफ जीत भी हासिल करेंगी।
विज्ञापन

5 of 6
बाएं लखनलाल साहू, दाएं करुणा शुक्ला
कांग्रेस में आने के बाद से करुणा शुक्ला ने लगातार मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। कांग्रेस में प्रवेश के बाद पार्टी ने उन्हें साल 2014 लोकसभा चुनाव में बिलासपुर से अपना उम्मीदवार बनाया था। वह भाजपा के लखनलाल साहू से चुनाव हार गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
बाएं चरणदास महंत, दाएं करुणा शुक्ला
इससे पहले साल 2009 के लोकसभा चुनाव में वह भाजपा के टिकट से कोरबा सीट से चुनाव लड़ी थीं। लेकिन कांग्रेस के चरणदास महंत से चुनाव हार गई थीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें