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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: चर्चा में है माया-जोगी फैक्टर, जानें गठबंधन के पीछे की कहानी

Sat, 03 Nov 2018 03:41 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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छत्तीसगढ़ में पहले चरण के चुनाव लगभग एक हफ्ते दूर हैं। पहले चरण में 18 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इन सीटों में से 10 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। ऐसे में राज्य में माया-जोगी फैक्टर चर्चा का विषय बना हुआ है। 
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बसपा 2003 के चुनाव में इन 10 सीटों में से दो पर और 2008 में तीन सीटों पर जीत पाई थी। साथ ही कई सीटों पर इसने कड़ी टक्कर दी थी। कई लोग छत्तीसगढ़ जनता और बहुजन समाज पार्टी को भाजपा के विकल्प के रूप में देख रहें हैं। 
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तीन घंटे में हो गया गठबंधन 

अजीत जोगी के अनुसार बसपा और उनकी पार्टी का गठंधन महज तीन घंटे की बातचीत के बाद हुआ। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष जोगी कहते हैं, "कांशीराम और मायावती से उनके पुराने संबंध हैं। कांशीराम ने जब अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक कर्मचारी संगठन बनाया था, तब मैं कलेक्टर था। बाद में जब मैं राज्यसभा सांसद बना तो काशीराम और मेरा घर पास में ही था।  हम दोनों कई मुद्दों पर रात 2 बजे तक चर्चाएं करते थे।" 

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बहुजन समाज पार्टी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के गठबंधन के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार अजीत जोगी को बनाया गया है। 
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अजीत जोगी ने मारवाही से चुनावी ताल ठोक रहे हैं। जोगी ने गांधी परिवार के खिलाफ प्रचार में कोई भी हमला नहीं बोलने की बात कही है। अजीत जोगी कहते हैं कि उनके बारे में मेरी अपनी राय है और मैं उन्हें जाहिर नहीं करना चाहता। 
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जोगी हमेशा से ही सतनामी (एससी का एक समुदाय) लोगों का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं, अब बसपा के साथ जाने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
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