फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CG: सरेंडर महिला नक्सलियों ने रैंप वॉक कर दिखाया हुश्न का जलवा, पहली बार ऐसा नजारा देखकर दंग रह गए लोग

सार

कभी नक्सलियों का गढ़ रहा बस्तर संभाग अब पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो चुका है। अब नक्सलियों की मांद में गोली नहीं बल्कि  विकास की बयार बह रही है। अपना बस्तर बदल रहा है। ऐसे में जो नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, उन्हें राज्य की साय सरकार मुख्यधारा से जोड़कर जीनव की नैया आगे बढ़ा रही है। उन्हें प्रोत्साहित कर रोजगार दे रही है। जीवकोपार्जन के तमाम साधन मुहैया करा रही है। 
विज्ञापन
1 of 11
ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : Amar Ujala Digital
CG Surrender female Naxalites: कभी नक्सलियों का गढ़ रहा बस्तर संभाग अब पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो चुका है। अब नक्सलियों की मांद में गोली नहीं बल्कि विकास की बयार बह रही है। अपना बस्तर बदल रहा है। ऐसे में जो नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, उन्हें राज्य की साय सरकार मुख्यधारा से जोड़कर जीवन की नैया आगे बढ़ा रही है। उन्हें प्रोत्साहित कर रोजगार दे रही है। जीवकोपार्जन के तमाम साधन मुहैया करा रही है। 


विज्ञापन

2 of 11
एक प्रोफेशनल मॉडल की तरह दिखाया जलवा - फोटो : Amar Ujala Digital
कभी नक्सलियों का गढ़ रहा बस्तर संभाग अब पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो चुका है। अब नक्सलियों की मांद में गोली नहीं बल्कि विकास की बयार बह रही है। अपना बस्तर बदल रहा है। ऐसे में जो नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, उन्हें राज्य की साय सरकार मुख्यधारा से जोड़कर जीनव की नैया आगे बढ़ा रही है। उन्हें प्रोत्साहित कर रोजगार दे रही है। जीवकोपार्जन के तमाम साधन मुहैया करा रही है। 
विज्ञापन

3 of 11
रैंप वॉक करती सरेंडर महिला नक्सली - फोटो : Amar Ujala Digital
सरेंडर नक्सली मुख्यधारा से जुड़कर अब हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में पहली बार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में सरेंडर महिला नक्सली भी पहुंची। पहली बार राजधानी में ऐसा नजारा देखकर लोग हैरान और दंग रह गये। सरेंडर महिला नक्सलियों ने एक प्रोफेशनल मॉडल की तरह रैंप वॉक कर सबको हैरत में डाल दिया। लोग आश्चर्यचकित रह गये।

4 of 11
रैंप वॉक करती सरेंडर महिला नक्सली - फोटो : Amar Ujala Digital
इस दौरान उनकी भावभंगिमा, छत्तीसगढ़ी परिधानों से सजी वेशभूषा, छत्तीसगढ़ी गहनें लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका सम्मान किया। 
 
विज्ञापन

5 of 11
सीएम साय ने कार्यक्रम का शुभारंभ कर सरेंडर महिला नक्सलियों का हौसला बढ़ाया - फोटो : Amar Ujala Digital
तालियों की गड़गड़ाहट से सरेंडर महिला नक्सलियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से बातचीत की। उन्हें बधाई और शुभकामनायें देते हुए उत्साह बढ़ाया। 
 
विज्ञापन

6 of 11
छत्तीसगढ़ी परिधानों में सजी सरेंडर महिला नक्सली - फोटो : Amar Ujala Digital
बस्तर की आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं ने स्वदेशी फैशन शो में एक प्रोफेशनल मॉडल की तरह रैंप वॉक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा सिल्क और अन्य हैंडलूम परिधानों का प्रदर्शन किया। 
 
विज्ञापन

7 of 11
रैंप वॉक करती सरेंडर महिला नक्सली - फोटो : Amar Ujala Digital
सरेंडर महिला नक्सलियों की यह प्रस्तुति मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ती महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मानजनक पुनर्वास और बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर की सशक्त अभिव्यक्ति रही। 

8 of 11
छत्तीसगढ़ी गहनें पहनकर बिखेरा जलवा - फोटो : Amar Ujala Digital
छत्तीसगढ़ का कोसा और बस्तर की बुनाई प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा उत्पाद देश-दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को 'लोकल टू ग्लोबल' की पहचान दिलाना है।

9 of 11
छत्तीसगढ़ी लुगरा रहा आकर्षण का केंद्र - फोटो : Amar Ujala Digital
 इसके लिए आधुनिक डिजाइन, कौशल उन्नयन, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, बाजार और नए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। ये बातें छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में कहीं।

10 of 11
छत्तीसगढ़ी गहने में नजर आईं सरेंडर नक्सली महिलायें - फोटो : CG News
इस दौरान सीएम ने हथकरघा इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का भी शुभारंभ किया। रैंप वॉक करने पर सुकमा के SP मयंक गुर्जर ने कहा कि हाल ही में नेशनल हैंडलूम डे पर, सुकमा में सरेंडर करने वाली नौ महिलाओं ने 'स्वदेशी' फैशन शो में हिस्सा लिया। उन्होंने एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। इन नौ महिलाओं में से कुछ 'पामेड एरिया कमेटी' में सक्रिय थीं। कुछ ने सीनियर नक्सल कमांडरों के लिए गनमैन के तौर पर काम किया, जिसमें बटालियन नंबर 1 के कमांडर भी शामिल थे। सरेंडर करने वाली महिलाओं में से एक ने 'जनता सरकार' स्कूल में टीचर के तौर पर भी काम किया था।

विज्ञापन

11 of 11
प्रोफेशनल मॉ़डल के साथ किया रैंप वॉक - फोटो : Amar Ujala Digital
इस अवसर पर सीएम ने रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी एवं माटीकला बोर्ड के कई हितग्राहियों और मेधावी छात्र-छात्राओं को 10 करोड़ 90 लाख रुपये से अधिक की अनुदान और पुरस्कार राशि बांटी। 

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें