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व्हिस्की से ही लंबी उम्र मिली..और व्हिस्की से ही अंतिम विदाई

Fri, 26 Jun 2015 09:15 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब से 50 साल पहले लंदन जा बसे दुनिया के तीसरे उम्रदराज बुज़ुर्ग 111 वर्षीय बाबू नाजर सिंह को व्हिस्की के साथ अंतिम विदाई दी गई। देखिए, पूरा मामला।
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व्हिस्की से ही लंबी उम्र मिली..और व्हिस्की से ही अंतिम विदाई

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दो सप्ताह पहले ही ब्रिटेन के सबसे लंबी उम्र के निवासी बाबू नाजर सिंह ने अपना 111वां जन्मदिन मनाया था तो अपने जन्मदिन के जश्न में बीयर का एक मग और व्हिस्की का एक जाम पिया। ये रिपोर्ट समाचार पत्र “डेली मिरर” में छपी थी।
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रिपोर्ट के मुताबिक नाजर सिंह के बेटे चैन सिंह गिल ने बताया था कि उनके पिता दिन में नौ घंटे सोते, उन्हें दूध पीने और बादाम खाने का शौक था और वह नियमित रूप से फल खाते। नाजर सिंह ने 111 साल में कभी आपरेशन नहीं कराया। उनके अपने दांत थे और बहुत अच्छा सुनाई देता।

व्हिस्की से ही लंबी उम्र मिली..और व्हिस्की से ही अंतिम विदाई

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नाजर सिंह की लंबी उम्र का राज़- अच्छी नींद, स्वस्थ जीवन शैली और व्हिस्की के एक जाम में छुपा हुआ था, इसलिए उनके अंतिम सफर दौरान भी व्हिस्की को उनसे दूर नहीं रखा गया। पूरी जिंदादिली के साथ उन्हें दुनिया से विदा किया गया।
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नाजर सिंह का जन्म जालंधर के फाजलपुर गांव में आठ जून, 1904 में हुआ था। बाद में वह ब्रिटेन जा बसे। नाजर सिंह को 2004 में 100वें जन्म दिन पर ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने बधाई पत्र भेजा था और उसके बाद से वह उन्हें हर वर्ष पत्र भेज रही थीं।
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नाजर सिंह दुनिया के तीसरे सबसे बड़ी उम्र के व्यक्ति थे। उनके परिवार में कुल 106 मैंबर हैं। बापू नाज़र सिंह का विवाह निरंजन कौर के साथ 1932 में हुआ था और 12 साल पहले वह इस दुनिया को 90 साल की उम्र में अलविदा कह गई।
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नाजर सिंह के नौ बेटे, 34 पोते-पोतियां और 64 पड़पोते-पड़पोतियां हैं। स्वस्थ खान-पान सिंह की लंबी जिंदगी का राज रहा। 107 वर्ष की उम्र तक बाग की देखभाल करने वाले नाजर सिंह को कभी डायबिटीज नहीं हुई। मृत्यु के वक्त तक उनकी सुनने की शक्ति भी काफी अच्छी थी।

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बापू नाजर सिंह के परिजनों का कहना है कि उनकी इस लंबी उम्र का राज़ उनकी ख़ुराक रहा। इसके साथ ही वह व्हिस्की का एक पैग लगाने के भी शौकीन थे। यही कारण है कि उनके बेटों ने उनकी चिता पर शराब गिराई और उनका अंतिम संस्कार किया।
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नाजर सिंह के अंतिम संस्कार के लिए 111 लोगों के बैंड को तैयार किया गया था। उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि दी गई। संस्कार काफी शाही अंदाज में किया गया। 200 क्विंटल मिठाइयां, 50 किलो बादाम, काजू, पिस्ता के अलावा अन्य खाने-पीने की चीजों की व्यवस्था थी।
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