वर्ल्ड कप 2019 के शेष बचे मैचों के लिए 'विराट' टीम में इस तूफानी गेंदबाज को जगह मिल सकती है। वह इंगलैंड पहुंच भी गया है, जानिए कौन है और उनके बारे में सब कुछ।
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नवदीप सैनी
भुवनेश्वर कुमार की पैर की मांसपेशियों की चोट के कारण भारत 'ए' टीम के नियमित सदस्य नवदीप सैनी को नेट गेंदबाज के रूप में बुलाया है। नवदीप हरियाणा के करनाल जिला निवासी हैं और इंगलैंड पहुंच चुके हैं। सैनी शुरुआती स्टैंडबाई सूची का हिस्सा थे। रविवार को सूचना मिलते ही वे इंग्लैंड के लिए रवाना हो गए थे। वह अब भारतीय टीम के साथ ट्रेनिंग करेंगे और वह यहां एकमात्र नेट गेंदबाज हैं। वह लगातार 140 किमी प्रति घंटे की ज्यादा रफ्तार से गेंदबाजी कर लेते हैं।
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नवदीप सैनी
- फोटो : सोशल मीडिया
27 जून को मैनचेस्टर में वर्ल्ड कप 2019 का 34वां मुकाबला खेला जाएगा। इससे पहले बीसीसीआइ ने नवदीप सैनी को इंग्लैंड बुला लिया है, जो टीम इंडिया को प्रैक्टिस कराएगा। 26 वर्षीय नवदीप दाएं हाथ के तेज गेंदबाज है। उन्होंने 21 वर्ष की उम्र में 2013-14 में हुई रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की तरफ से डेब्यू किया था। उनकी झन्नाटेदार गेंदें पिछले काफी समय से सिलेक्टर्स का ध्यान खींच रही थीं। टेनिस क्रिकेट से लेकर भारतीय टीम का सफर नवदीप का संघर्षपूर्ण रहा है।
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नवदीप सैनी
- फोटो : crictracker
नवदीप के पिता अमरजीत सैनी ने बताया कि नवदीप टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट में मैच खेलते थे और उन्हें प्रति मैच के लिए 250 से 500 रुपये तक पॉकेट मनी मिलती थी। नवदीप ऐसे परिवार से आते हैं, जो उनकी क्रिकेट कोचिंग की फीस का खर्च नहीं उठा पाता था। इसलिए नवदीप ने टेनिस गेंद क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और उसकी इनामी राशि से करनाल प्रीमियर लीग में खेलने के लिए अपना नाम लिखवाया।
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नवदीप सैनी
पिता ने बताया कि इस लीग के दौरान दिल्ली के सुमित नरवाल ने सैनी की प्रतिभा को पहचाना और वे उन्हें दिल्ली लेकर आए। नवदीप 2017 में भारत ए की तरफ से दक्षिण अफ्रीका ए और न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेले और इसी वर्ष दिलीप ट्रॉफी में भी शामिल हुए। नवदीप की घातक गेंदबाजी की मदद से दिल्ली 2017-18 रणजी के फाइनल में पहुंची। इस दौरान उसने 34 विकेट लिए थे।
..तब झलक उठे थे खुशी के आंसू
नवदीप के पिता अमरजीत सैनी का कहना है कि नवदीप ने हमारे सपने पूरे किए थे, जो शहर और जो चीज कभी नहीं देखी थी, वह नवदीप के प्रयासों से देखने को मिली। नवदीप मेरे सामने मोहाली में खेला तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नवदीप उधर खेल रहा था, इधर बैठे हुए मेरी आंखों से खुशी के आंसू झलक रहे थे। मां गुरमीत कौर का कहना है कि बेटा उनका और देश का नाम रोशन करके लौटेगा।