इंसान कभी पुराना नहीं होता, क्योंकि वो इतिहास का गुलाम नहीं होता। समय के साथ सब कुछ बदल जाता है, लेकिन अपने अच्छे कामों से वह दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाकर जाता है। कुछ ऐसा ही संदेश नाटक ‘वो हिंदुस्तान’ के जरिए दिया गया।
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‘वो हिंदूस्तान’ का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
इसका मंचन शनिवार को चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी और संस्कार भारती के सहयोग से किया गया था। इस लाइट, साउंड और साइट नाटक का निर्देशन मुकेश शर्मा ने किया। नाटक में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों को याद किया गया। डेढ़ घंटे की अवधि वाले इस नाटक की शुरुआत सन् 1919 में घटित जलियांवाला बाग की दुखांतिका से होती है।
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‘वो हिंदूस्तान’ का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में काकोरी ट्रेन से खजाना लूटने का दृश्य दिखाया जाता है। नाटक को इस तरीके से निर्देशित किया गया था कि सभी पात्र जीवंत प्रतीत हो रहे थे, मानों स्वयं भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद बोल रहे हो।
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‘वो हिंदूस्तान’ का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
इन कलाकरों ने लिया भाग :
इस नाटक में 42 कलाकारों ने परफार्म किया। भगत सिंह के रोल में हीरा सिंह, सुखदेव के रोल में वरुण शर्मा और राजगुरू के रोल में अभिषेक शर्मा ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
वहीं चंद्रशेखर आजाद बने जशपाल कुमार की डायलॉग डिलीवरी की काफी सराहना की गई है। इनके अतिरिक्त नाटक में नेहा त्रिपाठी, सलोनी राणा, तान्या, शिव वर्मा, मोहन शर्मा, सैवी गुप्ता, राहुल, प्रिंस और अनुष्का ने भाग लिया। साथ ही लाइटिंग पर अभिषेक और ललित शर्मा थे।