भारत मां के वीर सपूत को सलाम। ईटानगर में भूस्खलन में फंसे 169 लोगों को सही सलामत निकाल लाया और फिर जान दे दी, शव बरामद हो गया है।
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मनदीप सिंह ढिल्लों
भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच 4 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश में लापता हुए हेलीकॉप्टर के 3 क्रूमेंबर्स के शव बरामद हो गए हैं। इनकी पहचान मुख्य पायलट पटियाला निवासी मनदीप ढिल्लों, सह पायलट पीके सिंह और आरवाई गुर्जर के रूप में हुई है। हेलीकाप्टर अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए एक विशेष मिशन पर गया था।
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मनदीप सिंह ढिल्लों
मिशन को पटियाला निवासी तेजपुर बेस्ड कमांडिंग अफसर मनदीप सिंह ढिल्लों लीड कर रहे थे। उनके साथ सह-पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट पीके सिंह और सारजेंट आरवाई गुर्जर समेत अरुणाचल प्रदेश पुलिस का एक कांस्टेबल व एक अन्य क्रू मेंबर भी थे। मिशन के दौरान मनदीप ढिल्लों की टीम ने ईटानगर में नहरलगून और सागली के बीच भूस्खलन में फंसे 169 लोगों को सुरक्षित एयरलिफ्ट करवाया।
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मनदीप सिंह ढिल्लों
मगर दुर्भाग्य यह रहा कि इन लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद जैसे ही हेलीकाप्टर वापस तेजपुर बेस पर पहुंचने वाला था तभी मौसम खराब होने की वजह से चार जुलाई दोपहर साढ़े तीन बजे लापता हो गया। एयरफोर्स, आर्मी, एनडीआरएफ और अरुणाचल प्रदेश पुलिस की टीमों ने अब हेलीकाप्टर में लापता तीन क्रू मेंबर्स के शव ढूंढ लिए है, जिनमें उनके साथ सह-पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट पीके सिंह और सारजेंट आरवाई गुर्जर शामिल हैं।
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मनदीप सिंह ढिल्लों
आर्मी के घायल जवानों को भी मैंडी ने बचाया था
पटियाला निवासी मनदीप सिंह ढिल्लों 4000 घंटों की उड़ान भरने के साथ एयरफोर्स के बेहद अनुभवी पायलट में से एक थे। उन्हें एयरफोर्स अफसर व साथी ‘मैंडी’ कहकर पुकारते थे। मैंडी ने पिछले साल एक खास मिशन में आर्मी के घायल जवानों को भी बचाया था। पिछले साल 19 मई को त्वांग सेक्टर में एक हादसे में 13 जवान घायल हो गए थे, जिन्हें एयरलिफ्ट करवाने में मैंडी ने अहम भूमिका निभाई थी।
मैंडी की याद में गमगीन एयरफोर्स
मैंडी व अन्य मृतक जवानों की याद में एयरफोर्स अथारिटी पूरी तरह से गमगीन है। ग्रुप कैप्टन पीबी नैयर ने कहा कि मैंडी के पिता 1970 के दशक में एमआई-4 हेलीकाप्टर में फ्लाइट इंजीनियर थे और मैंडी भी उन्हीं के नक्शे कदम पर था। मैंडी क्रास कंट्री का एक उत्कृष्ट धावक था। उसने कई पुरस्कार भी जीते थे। विंग कमांडर मुदित चौरसिया के अनुसार मैंडी दूरदर्शी सोच का था। उसके घर में अब मातम का माहौल है।