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आरबीआई के आदेश से किसानों में मची खलबली, जानिए कैसे बढ़ी परेशानी

Wed, 16 Nov 2016 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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किसानों की बढ़ी परेशानी - फोटो : अमर उजाला
आरबीआई ने को-आपरेटिव बैंकों को आदेश दिए हैं कि  लिमिट जमा करवा रहे किसानों से पुराने पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट न ले, इस आदेश के बाद किसानों में खलबली मच गई है। 
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नहीं लिया 500 का नोट - फोटो : अमर उजाला
भारतीय किसान यूनियन ऐकता (उग्राह) के नेता गुरविंदर सिंह का कहना है कि को-आपरेटिव बैंक में किसानों से पुराने पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट नहीं लेने का  सरकार ने गलत फैसला लिया है। इससे किसानों को परेशानी होगी। 
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किसानों की बढ़ी परेशानी
किसानों को प्रति एकड़ पर 21 हजार रुपये का कर्ज (लिमिट) मिलता है। सीजन खत्म हुआ है, अब किसान लिमिट जमा करा कर को-आपरेटिव बैंकों से सामान लेंगे। पैसा जमा नहीं होगा तो किसानों को परेशानी होगी। सिंह ने कहा कि बुधवार को लुधियाना में बैठक बुलाई गई है। बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा, उसके बाद अगली रणनीति तैयार की जाएगी।

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किसानों की बढ़ी परेशानी
किसान सोहन सिंह का कहना है कि उसे धान का भुगतान आढ़ती मिला है। को-आपरेटिंव बैंक ने उससे पुराने नोट नहीं लिए हैं और कहा जा रहा है कि बैंक में जमा करवाए जाए। आरबीआई ने को-आपरेटिव बैंक को पुराने नोट लेने से मना किया है। सिंह ने कहा  कि उन्हें घर का सामान लेने के अलावा खाद इत्यादि लेने में दिक्कत होगी। सिंह ने कहा कि मंगलवार ज्यादा किसानों को इसके बारे पता नहीं है।
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किसानों की बढ़ी परेशानी
उधर, सहिकारी बैंक की स्थानीय शाखा के प्रभारी सुनील कलूचा ने आरबीआई का पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि किसानों की लिमिटों, सेविंग अथवा करेंट अकाऊंट में रुपए जमा करने तथा लोगों को रुपए बदल कर देने पर पाबंदी लगा दी है।   कलूचा ने बताया कि ऊनके बैंक की प्रत्येक सीजन करीब 10 करोड़ की रिकवरी होती है। जिसमें अभी तक करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए ही रिकवर हुए है।
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