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सेना में 'रोटी की जंग' छेड़ने वाला जवान तेज बहादुर, देखिए अब क्या कर रहा है?

Sat, 02 Dec 2017 04:06 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Tej Bahadur Yadav
आपको याद है तेज बहादुर यादव? वो जवान जिसने सेना में मिल रहे खाने का वीडियो बनाकर फेसबुक पर डाला था। देखिए, अब वो क्या कर रहा है?
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Tej Bahadur Yadav
2017 के शुरु में बीएसएक के एक जवान ने सेना में मिल रहे खाने को सार्वजनिक कर पूरे देश का माहौल सर्दियों में गर्म कर दिया था। वह जवान था हरियाणा के रेवाड़ी का तेज बहादुर यादव। यादव ने कुछ विडियो पोस्ट किए थे जिनमें खाली हल्दी और नमक वाली दाल और साथ में जली हुई रोटियां दिखाते हुए खाने की क्वॉलिटी पर सवाल उठाए थे। 
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Tej Bahadur Yadav
जवान ने कहा था कि पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा समेत कई स्थानों पर इस प्रकार का खाना दिया जाता है और कई बार जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है। 2017 अब खत्म होने को आ गया है और पिछले काफी समय से तेजबहादुर की कोई चर्चा नही हुई है। तो अगली स्लाइड में देखिए तेजबहादुर आजकल क्या कर रहे हैं...

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Tej Bahadur Yadav
दरअसल, तेजबहादुर यादव आजकल फौजी एकता न्याय कल्याण मंच नाम से एक एनजीओ चला रहे हैं। इस एनजीओ के बारे में तेज बहादुर ने बताया कि यह भारत के सभी सैनिकों के हितों के लिए बनाई गई एक संस्था है। जिस का कार्य देश के सभी सैनिकों के हितों की रक्षा के लिए कार्य करना है। 
 
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Tej Bahadur Yadav
उनके अनुसार सेना में अगर अफसरों द्वारा सैनिकों का शोषण किया जाता है तो उसके खिलाफ उनकी संस्था पूरी मजबूती से लड़ेगी। साथ ही अगर किसी सैनिक को बिना वजह कोर्ट मार्शल किया जाता है तो उस सैनिक को न्याय दिलाने में ये संस्था सहायता करेगी।
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Tej Bahadur Yadav
गौरतलब है कि बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने 9 जनवरी को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में उसने जवानों को दिया जाने वाला खाना दिखाया था। यादव ने दाल में केवल हल्दी और नमक होने का दावा किया था। उसने साथ ही कहा था कि उन्हें जली हुई रोटी दी जाती है। उसने कहा था कि कई स्थानों पर इस प्रकार का खाना दिया जाता है और कई बार जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है।
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तेज बहादुर - फोटो : social media
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीएसएफ से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस बीच तेजबहादुर ने वीआरएस के लिए अप्लाई किया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। बल्कि उन्हें निर्देश दिया गया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे बीएसएफ नहीं छोड़ सकते। इसके विरोध में तेज बहादुर राजौरी स्थित मुख्यालय में भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।
 
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तेजबहादुर
19 अप्रैल को तेज बहादुर को बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीएसएफ ने जांच के बाद तेज बहादुर यादव को नौकरी से निकालने का फैसला किया था। उन पर सीमा सुरक्षा बल का अनुशासन तोड़ने को लेकर जांच की गई थी और फिर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं बर्खास्त होने के बाद तेज बहादुर ने कहा था कि वह न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई सारे सैनिकों के लिए है।
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