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Whatsapp के नए जबरदस्त फीचर के पीछे पड़ा कानून

Thu, 16 Apr 2015 04:51 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सोशल मीडिया साइट whatsapp का most popular फीचर पुलिस की आंख में खटक गया है और वह उसका तोड़ निकालने में जुट गई है। साइबर सेल भी साथ है। देखिए, पूरा मामला।
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Whatsapp के नए जबरदस्त फीचर के पीछे पड़ा कानून

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whatsapp का ये most popular फीचर है वायस कॉलिंग। पुलिस का मानना है कि एंड्रायड यूजर्स के लिए वॉइस कॉलिंग की सुविधा सुरक्षा के मद्देनजर खतरनाक साबित हो सकती है।
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यह फीचर सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के लिए नया सिरदर्द बन सकता है। माना जा रहा है कि इस वॉइस कॉलिंग का कोई रिकॉर्ड न तो टेलीकॉम ऑपरेटर के पास होगा और न ही टावर डाटा आसानी से मिल सकेगा।

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यह होगा नुकसान: कोई अपराध हो या सुरक्षा चौकसी, मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड गुत्थी सुलझाने में मददगार साबित होते हैं। टेलीकॉम ऑपरेटरों की मदद से हत्याकांड और अपहरण जैसी कई बड़ी वारदात को भी पुलिस आसानी से सुलझा चुकी है, लेकिन नए फीचर से वाट्सएप कॉलिंग का रिकॉर्ड नहीं मिलने से अपराधियों पर शिकंजा कसना मुश्किल हो जाएगा।
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चैटिंग रिकार्ड निकालना भी मुश्किल: साइबर सेल विभाग के अनुसार, वॉट्सएप पर की गई चैटिंग को मोबाइल से डिलीट करने के बाद उसे निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसके बाद नार्मल प्रोसेस से चैटिंग रिकार्ड नहीं निकाला जा सकता है। हालांकि, जांच की पूरी प्रोसेस के दौरान वॉट्सएप चैटिंग रिकार्ड निकाला जा सकता है।
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साइबर सेल विभाग के अनुसार, अभी तक इस सॉफ्टवेयर के जरिए क्राइम होने की कोई शिकायत नहीं आई है। हालांकि, भविष्य में इस साफ्टवेयर से जुड़ी शिकायतें आ सकती हैं, जिनके निपटारे के लिए फिलहाल पुलिस के पास कोई साधन नहीं है।
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साइबर सेल के डीएसपी दीपक यादव ने बताया कि ज्यादातर बाहरी सोशल साइट्स से जुड़े मामलों में पुलिस को परेशानी होती है। अगर कोई विदेशी कंपनी है तो उसकी डिटेल्स के लिए संबंधित एजेंसी से मदद लेनी पड़ती है। आमतौर पर डिटेल्स मिल जाती है, लेकिन कई डिटेल्स सौंपने से एजेंसी भी इनकार कर देती है। इससे पुलिस की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
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दीपक यादव, डीएसपी, आईआरबी व साइबर सेल विभाग के अनुसार वॉट्सएप कॉलिंग की कोई भी डिटेल्स टेलीकॉम कंपनियों के पास नहीं होती है। इससे जुड़े मामलों में अगर शिकायतकर्ता के पास कोई रिकार्डिंग होगी, तभी पुलिस कुछ कार्रवाई कर सकती है।
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