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राम रहीम और हनीप्रीत के लिए बहुत बड़ी मुसीबत बनेगी विपासना, जानिए कैसे?

Wed, 01 Nov 2017 09:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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पंचकूला पहुंची विपासना इंसां
डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपासना इंसा, राम रहीम और उसकी 'दुलारी' हनीप्रीत के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है, जानिए अब क्या मामला है?
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पंचकूला पहुंची विपासना इंसां
25 अगस्त को पंचकूला हिंसा में किसकी क्या भूमिका थी, इसका पूरी तरह से खुलासा नहीं हो सका है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को जो कुछ जानकारियां दीं उनमें से कई बातें झूठ निकली। माना जा रहा है कि अब तक इस मामले की साजिश में गिरफ्तार हनीप्रीत, सीपी अरोड़ा, दिलावर, चमकौर सिंह सहित अन्य आरोपियों से ही पूछताछ हुई है, लेकिन सुराग के नाम पर पुलिस के कुछ खास हाथ नहीं लग सका।
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Vipassana and Honeypreet Insan - फोटो : File Photo
ऐसे में मीडिया में इस बात को लेकर सुर्खियां बनी हुई हैं कि विपासना को इस मामले में सरकारी गवाह बनाया जा सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की जा रही है, बावजूद इसके हनप्रीत-विपासना की आमने सामने हुई पूछताछ के बाद से अब तक पुलिस जिस तरह से इस मामले में आगे बढ़ रही है कि उसे देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि पुलिस विपासना को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है।

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Vipassana Insan
विपासना से एक बार की पूछताछ के बाद उसे पंचकूला फिर बुलाया गया था, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी वजहों से वह पूूछताछ में शामिल नहीं हो सकीं। माना जा रहा है कि पुलिस के लिए चूंकि डेरा की चेयरपर्सन होने के नाते तमाम गतिविधियों से विपासना वाकिफ हैं, ऐसे में पुलिस के लिए इस हिंसा की तमाम कड़िय़ों को जोडने में विपासना के बयान की अहमियत सबसे अधिक होगी।
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राम रहीम के साथ हनीप्रीत
अगर, हिंसा से जुड़े मामले की गुत्थी सुलझाने में अब तक किसी आरोपी ने कोई अहम खुलासे किए होते तो फरार आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो जाती। उधर, डेरा की गद्दी सौंपने को लेकर भी गुरमीत राम रहीम के बेटे का नाम सामने आ रहा है, नतीजतन विपासना को पुलिस भी सरकारी गवाह बना सकती है।
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हनीप्रीत के साथ राम रहीम
आरोपियों से पूछताछ में भी नहीं हुई अहम खुलासे
आदित्य और पवन इंसां के फरार होने के बाद पुलिस के लिए अब विपासना ही है, जिससे इस मामले में कुछ और नई सच्चाई सामने आ सकती है। पहले 38 दिनों तक पुलिस को चमका दे चुकी, हनीप्रीत ने पूछताछ में भी पुलिस का कोई खास सहयोग नहीं किया था। नतीजतन, पुलिस को उससे हुई पूछताछ में भी कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। सीपी अरोड़ा से भी पूछताछ हुई, लेकिन उन्होंने भी कोई अहम जानकारी ऐसी नहीं दी।
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