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अगर बनना चाहते हैं IAS तो पढ़ें- टॉपर प्रदीप सिंह के फंडे, बड़े काम के हैं ये फार्मूले

Sun, 09 Aug 2020 12:08 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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यूपीएससी टॉपर प्रदीप सिंह
यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की परीक्षा में सफलता कैसे हासिल की जाए, इसके लिए लगन, मेहनत और निरंतरता जैसी चीजें अहम होती हैं। लेकिन मेहनत सार्थक दिशा में की जा रही है यह भी जानना जरूरी है। यूपीएससी की परीक्षा में सफलता का फंडा खुद इस बार के टॉपर प्रदीप सिंह ने बताया है। आइए जानते हैं...
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नौकरी के साथ की तैयारी
प्रदीप सिंह हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। इस बार यूपीएससी परीक्षा में देशभर में पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह है कि प्रदीप के पिता किसान हैं। प्रदीप सिंह दो बार प्री में असफल भी हुए हैं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कोई भी नौकरी मिलने के बाद लोग शांत होकर बैठ जाते हैं। लेकिन कुछ बड़ा करने वालों के प्रयास जारी रहते हैं। ऐसे ही प्रदीप सिंह हैं। जिन्होंने चार साल इनकम टैक्स इंस्पेक्टर की नौकरी के साथ तैयारी की और सफलता हासिल की। पिछले साल प्रदीप ने 260वीं रैंक हासिल की थी। प्रदीप के पिता सुखबीर सिंह का सपना था कि वे अपने बेटे को आईएएस बनता देखे। यही वजह रही कि प्रदीप ने दिसंबर 2019 में आईआरएस की ट्रेनिंग के लिए ज्वाइन करके छुट्टी ली और फिर से यूपीएससी की परीक्षा दी। मेहनत और लगन रंग लाई और वह इस बार के टॉपर बन गए।
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साप्ताहिक पाठ्यक्रम
प्रदीप सिंह का टॉप करने का फार्मूला ही साप्ताहिक पाठ्यक्रम है। प्रदीप का कहना है कि आप पढ़ाई को घंटे में मत तौलों। एक सप्ताह में कितना पढ़ना है यह जरूर तय कर लें। केवल तय ही न कर लें बल्कि उसे पूरा भी करें। प्रदीप का मानना है कि हर दिन कोई तय घंटे पढ़ाई नहीं कर सकता है। यही वजह है कि साप्ताहिक पाठ्यक्रम तय करके चलें। प्रदीप ने साप्ताहिक तय पाठ्यक्रम का शेड्यूल अपने जीवन में 12वीं से ही अपनाया है। 

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टाइम मैनेजमेंट
प्रदीप सिंह का दूसरा फार्मूला टाइम मैनेजमेंट है। प्रदीप इसे पढ़ाई का सबसे बड़ा मूल मंत्र बताते हैं। प्रदीप कहते हैं कि जब आप टाइम मैनेजमेंट से पढ़ाई करेंगे तो तय साप्ताहिक पाठ्यक्रम को जरूर पूरा कर सकते हैं। प्रदीप का कहना है कि आपने साप्ताहिक शेड्यूल बना लिया है तो किसी दिन कम पढ़ाई कर सकते हैं और किसी दिन ज्यादा। सबसे खास बात यह है कि पढ़ाई कर रहे हो तो उसी पर ध्यान दें। परिणाम की चिंता न करें। प्रदीप कहते हैं कि परिणाम की चिंता करने से टॉपर तो दूर की बात है, सफलता मिलने में भी मुश्किलें होंगी।
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नौकरी के साथ पढ़ाई
प्रदीप ने नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी की। सुबह नौ से शाम छह बजे तक ऑफिस होता था। प्रदीप सुबह जब ऑफिस जाते थे तो रास्ते में पढ़ते थे और लंच जल्दी खत्म कर भी बचे समय पर पढ़ाई करते थे। फिर घर लौटते वक्त भी रास्ते में प्रदीप पढ़ते थे।
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ये भी हैं अहम
यूपीएससी टॉपर प्रदीप सिंह कहते हैं कि हर परीक्षा की तैयारी में परिवार, दोस्त, और शिक्षक काफी अहम होते हैं। वह आपको हर तरह से प्रोत्सहित करते हैं। इससे काफी बड़ा फर्क पड़ता है। प्रदीप कहते हैं कि उन्हें तैयारी के दौरान परिवार, दोस्त और शिक्षकों का काफी सहयोग मिला। इन सबका परिणाम है कि वह आज यूपीएससी टॉपर बने हैं। प्रदीप का मानना है कि परिवार का सहयोग आपको कैसा मिल रहा है, यह चीज तैयारी के दौरान मानसिक तौर पर काफी अहम होती है। 
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