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Photos: देश का ऐसा गांव, जहां आपको हर घर में मिलेगा एक सैनिक

Fri, 07 Apr 2017 09:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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भारतीय सेना के जवानों का अनोखा गांव
ये भारतीय सैनिकों का गांव है। यहां अगर आप ढूंढने निकलेंगे तो हर घर में कम से कम एक फौजी तो जरूर मिलेगा, कुछ अनोखी है इस गांव की कहानी।
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भारतीय सेना के जवानों का अनोखा गांव
बात हो रही है हरियाणा के हिसार के गांव सौथा की। गांव के पास बने मैदान में छुट्टी पर आए सेना के जवान ही युवाओं को सेना भर्ती की ट्रेनिंग देते हैं। पिछले 9 बरसों से ये सिलसिला जारी है। 
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भारतीय सेना के जवानों का अनोखा गांव
युवाओं के जज्बे को देखते हुए पंचायत ने भी सुविधाओं पर ध्यान दिया है। सेना के प्रति गांव के युवाओं का उत्साह देखते हुए गांव के सरपंच ने 9 एकड़ जमीन पर ट्रेनिंग के लिए एथलेटिक ट्रैक बनवाया है। खेलों और सेना के प्रति युवाओं के रुझान से अच्छी बात यह है कि गांव का कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है।

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भारतीय सेना के जवानों का अनोखा गांव
साल 2007 में गांव के सुरेंद्र उर्फ टीनू का पैरामिलिट्री में सिलेक्शन हुआ था। उन्हें राष्ट्रपति की सुरक्षा का अहम जिम्मा मिला। टीनू जब छुट्टी पर आया तो उसे कमांडो के रूप में देखकर उसके गांव के युवा इंस्पायर हुए। टीनू ने उसी दिन से युवाओं को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया। इस प्रयास में साथ आकर खड़े हुए गांव के दूसरे सैनिक रोहताश, फुलकुमार व संदीप। चारों ने मिलकर गांव में मैदान बनाया और युवाओं को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया।
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भारतीय सेना के जवानों का अनोखा गांव
वर्तमान में पुराने व नए मिलाकर गांव के 45 लोग सेना में भर्ती हैं। इनमें से 22 युवा तो पिछले तीन-चार सालों में ही भर्ती हुए हैं। तत्कालीन सरपंच रामस्वरूप चहल ने 1987 में ही गांव के चारों ओर व गलियों में फ्लड लाइटें लगवा दी थी। इसके अलावा गांव के चारों कोनों में सार्वजनिक शौचालय बनवा दिए थे। गांव में हर माह तीन-चार फौजी छुट्टी पर आते रहते हैं।
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भारतीय सेना के जवानों का अनोखा गांव
छुट्टी पर आने के बाद इन फौजियों को कहने की जरूरत नहीं होती और ये जवान अपने आप ही युवाओं के पास मैदान में पहुंच जाते हैं। ऐसे में भी ट्रेनिंग का रूटीन बना हुआ है। एक फौजी जाता है तो दूसरा छुट्टी पर आकर ट्रेनिंग का जिम्मा संभाल लेता है। कबड्डी में तो गांव की लड़की व लड़कों की टीम का दूर-दूर तक नाम है। गांव के पांच लोग पुलिस में हैं। गांव से छह जेबीटी व चार क्लर्क हैं।
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