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देखिए ये बेटी पाकिस्तानी है या हिन्दुस्तानी, 10 साल की मासूम की अनोखी कहानी

Sun, 09 Apr 2017 09:04 AM IST
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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10 साल की मासूम हिना की अनोखी कहानी
तस्वीर में दिख रही ये बेटी पाकिस्तानी है या हिन्दुस्तानी, तय होना अभी बाकी है। लेकिन 10 साल की इस मासूम की कहानी काफी अनोखी है, आप भी पढ़िए।
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10 साल की मासूम हिना की अनोखी कहानी
हिना वैसे तो हेरोइन तस्करी के आरोप में सजा काट चुकी पाकिस्तानी महिला फातिमा बेगम की वो संतान है, जिसे उसने अमृतसर सेंट्रल जेल (गुमटाला)में जन्म दिया था। फातिमा की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन जुर्माने की रकम जमा न करने के कारण वह अब भी जेल में है। जुर्माना भरकर उसे रिहा कराने के साथ ही फातिमा को पाकिस्तान भेजने में जुटी हैं एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा।
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10 साल की मासूम हिना की अनोखी कहानी
अब देखना यह है कि जेल की इस बेटी को पाकिस्तान भेजते समय राष्ट्रीयता के आगे क्या लिखा जाता है। वहीं जुर्माना भरने वाले नवतेज सिंह कहते हैं कि हिना के लिए समझौता करने को दोनों मुल्कों को आगे आना चाहिए। हिना के लिए वो हर जंग लड़ने को तैयार हैं। चाहे सिंह इज किंग बनके या फिर बजरंगी भाई जान। हिना का जन्म साल 2007 में भारत में हुआ है कानूनन तो वह हिन्दुस्तानी है।

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10 साल की मासूम हिना की अनोखी कहानी
हिना जेल के ही स्कूल में पढ़ने जाने लगी। वह सबकी लाडली जेल की बेटी बन गई। हिना भारत या पाकिस्तान में भेद नहीं जानती। उर्दू छोड़ पंजाबी, हिन्दी व अंग्रेजी जानती है। वंदेमातरम गाती है। नमस्ते, सतश्रीअकाल कहती है और जेल के स्टाफ को जय हिन्द। मुन्नी बदनाम हुई गाने पर डांस करती है तो जन्माष्टमी के दिन कान्हा बनती है।
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अमृतसर में वाघा बॉर्डर
साल 2007 में फातिमा बेगम अपनी बहन मुमताज के साथ अटारी रेलवे स्टेशन पर समझौता एक्सप्रेस से पहुंची थी। सीमा शुल्क विभाग ने दोनों के पास से जाली भारतीय करंसी बरामद की गई थी। जेल जाने के करीब तीन महीने बाद फातिमा ने हिना को जन्म दिया, तो महिला कैदियों ने जश्न मनाया। फातिमा बेगम व मुमताज का सामान सीमा शुल्क विभाग ने जब्त कर लिया था।

 
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अमृतसर में वाघा बॉर्डर
इसी दौरान पाकिस्तान से एक मुसाफिर को वाटर कूलर में हेरोइन छिपाकर लाते पकड़ गया। इसलिए सीमा शुल्क विभाग ने ऐसे आरोपियों के सामान की दोबारा तलाशी शुरू की, जिन पर तस्करी का आरोप था। तलाशी के दौरान मुमताज व फातिमा के वाटर कूलर से भी जब हेरोइन बरामद हुई तो दोनों को दस-दस साल कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने करीब चार लाख जुर्माना भरने का हुक्म भी दिया।
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वाघा बॉर्डर - फोटो : अमर उजाला
दोनों की सजा नवंबर 2016 में पूरी हो गई थी, लेकिन जुर्माने की रकम न होने से जेल में कैद थीं। जेलर आशीष कपूर कहते हैं कि हिना जेल की बेटी है। उसकी पढ़ाई से लेकर अन्य खर्च जेल के तरफ से है। क्योंकि हिना का कसूर कोई नहीं है। उसे दिन के समय जेल में महिला बैरकों में कहीं भी आने-जाने पर मनाही नहीं है। हिना जेल की खुशरंग हिना है। खुशी है कि हिना जेल की दीवारों से जल्द छुटकारा पा लेगी।

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वाघा बॉर्डर - फोटो : अमर उजाला
रक्षाबंधन के दिन अक्सर हिना भारतीय कलाइयों पर राखी बांधा करती थी। अब हिना की राखी सजेगी नवतेज सिंह की कलाई पर। नवतेज सिंह ने सरबत भला टीम के साथ एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा के नेतृत्व में जेल प्रबंधन से मिलकर जुर्माने की करीब चार लाख रुपये की रकम वीरवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में जमा करवाई।
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वाघा बॉर्डर
एडवोकेट चब्बा कहती हैं कि रकम जमा होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत हिना व उसके परिवार को सलाखों की कोठरी के बजाए ट्रांजिस्ट कैंप में रखा जाएगा।

 
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