इस लड़की की शादी एक मिसाल बन गई। अपने जीवनसंगी के साथ फेरे लेने के लिए सड़क पर ऐसे निकली, जिसने भी देखा वाहवाही कर उठा।
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कुड़ी मुंडे नु व्याह के लेआई
- फोटो : अमर उजाला
यह अनोखी शादी हुई पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में। यहां एक लड़की जब घोड़ी पर चढ़कर बारात लेकर निकली तो हर व्यक्ति यह नजारा देखता रह गया। इस शादी में एक और रोचक बात यह भी थी कि लड़के को लड़की का सरनेम भी अपनाना होगा।
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गोबिंदगढ़ से बठिंडा गई बलजीत कौर इंसा की बारात
- फोटो : अमर उजाला
शादी के बाद वर वधू के घर में ही रहेगा। उनके परिवार के सभी संस्कार एवं रीति रिवाजों को युवक को अपनाना होगा। यह रिवाज डेरा सच्चा सौदा की ओर से चलाए जा रहे 127 मानवता भलाई कार्यों में अहम है। इस मुहिम के अंतर्गत लड़की विवाह वाले दिन बारात लेकर लड़के के घर जाती है। विवाह के बाद वह अपने ससुराल घर नहीं जाती बल्कि लड़का लड़की के साथ उसके घर जाता है। यही नहीं वह उनके हर रीति रिवाज को अपनाता है।
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गोबिंदगढ़ से बठिंडा गई बलजीत कौर इंसा की बारात
वधू बलजीत कौर इंसा और सुखमंदर सिंह इंसा की इस शादी में परिवार के सभी लोग खुश नजर आए। बलजीत से सुखमंदर सिंह ने कहा कि वह लड़की परिवार को अपना खुद का परिवार समझेगा। उसे इस घर में आकर काफी खुशी हुई है। इस विवाह की मंडी गोबिंदगढ़ के संत नगर स्थित सभी इलाकों में चर्चा हो रही है।
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भगवान सिंह ने करवाया बिना दहेज के विवाह
वहीं एक और विवाह ने खूब सुर्खियां बटोरीं। फतेहगढ़ साहिब में भगवान सिंह ने गुरुद्वारा साहिब में पलविंदर कौर बेटी रणजीत सिंह निवासी शाहपुर के साथ साधारण आनंद कारज लेकर दहेज के लोभ और फिजूल खर्ची के खिलाफ फतवा दे दिया। भगवान सिंह ने बताया कि उनके पास परमात्मा का दिया सब कुछ है। इसमें खेतीबाड़ी और डेयरी फार्मिंग का कारोबार शामिल है। आज उन्होंने समाज को संदेश देने के लिए साधारण आनंद कारज करवाए ताकि उनकी पहल से एक अच्छा संदेश हर किसी के पास जाए और दहेज प्रथा और फिजूल खर्ची पर अंकुश लगाया जा सके।
विवाहित जोड़ी को आशीर्वाद देने के लिए संत बाबा रणजीत सिंह तपा दर्जा मोहाली वाले, बाबा बलजिंदर सिंह, ज्योति स्वरूप साहिब वाले और बाबा गुरदीप सिंह जी बटाले वाले पहुंचे। लड़के की माता शिंदर कौर, महिंदर सिंह, जोगिंदर सिंह खन्ना, जरनैल सिंह, राजविंदर कौर, बलजीत कौर, अमृतपाल सिंह भी इस मौके पर उपस्थित थे।