अमित और रानो
अमित के साथ से उसका मनोबल बढ़ा है। उसने बताया कि करवाचौथ का व्रत रखकर उसने अपने पति अमित के लिए न केवल लंबी उम्र की दुआ की, बल्कि भगवान से यह प्रार्थना भी की कि हर जन्म में उसे अमित ही पति के रूप में मिले।
कुछ यूं खोला व्रत
अमित ने बताया कि रानो का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, फिर भी उन्होंने व्रत रखा। साढ़े 7 बजे के बाद वह कई बार छत गया, लेकिन चांद न निकला देखकर वापस लौट आता। आखिरकार 7.59 बजे चांद निकलते ही अमित अपनी पत्नी रानो को गोद में उठाकर छत पर लेकर गया। उसे कुर्सी पर बैठाकर छलनी से चांद का दीदार कराया। उसे पानी पिलाकर व मिठाई खिलाकर व्रत खुलवाया और फिर नीचे लेकर खाना खिलाया।