यूनियन के कर्मचारियों ने चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे को जाम किया तो पुलिस ने उन्हे लाठियां बरसा-बरसा कर खदेड़ा। दो महिलाओं और एक कर्मचारी को चोट लगी है। देखिए तस्वीरें।
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Union worker protest
- फोटो : अमर उजाला
मामला जीरकपुर का है। पंजाब स्टेट सुविधा सेंटर यूनियन के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे को जीरकपुर में करीब एक घंटे तक जाम रखा। इस दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार का पुतला फूंक प्रदर्शन किया। हाईवे से कर्मचारियों को हटाने के लिए तीन थानों की पुलिस काफी देर तक प्रयास करती रही, लेकिन जब कर्मचारी नहीं हटे तो पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा।
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प्रदर्शन के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के चलते सैकड़ों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने सबसे पहले सड़क के एक तरफ बैठे नौजवानों को पुलिस ने बल प्रयोग कर खुलवा दिया, लेकिन दूसरी तरफ सड़क के बीच बैठी महिलाओं को उठाने में पुलिस के पसीने छूट गए। पंजाब स्टेट सुविधा सेंटर यूनियन के कर्मचारियों ने जाम दोपहर 12 बजे लगाया गया और 1 बजे तक एक भी गाड़ी को हाईवे से गुजरने नहीं दिया।
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पंजाब स्टेट यूनियन ने बताया कि सुविधा सेंटर के कर्मचारी 12 साल से सरकार की सुखमनी सोसायटी के अधीन काम कर रहे हैं। संगठन की तरफ से कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने के लिए डायरेक्टर प्रशासनिक सुधार विभाग पंजाब के साथ मीटिंग होती रही है और 15 मार्च को मुख्य सचिव पंजाब सरकार ने यूनियन के साथ मीटिंग की, जिसमें मुख्य सचिव पंजाब, सचिव प्रशासनिक सुधार विभाग पंजाब, डायरेक्टर प्रशासनिक सुधार विभाग पंजाब मौजूद थे। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
कर्मचारियों का आरोप है कि पंजाब सरकार ने धोखाधड़ी करके सारा डाटा कर्मचारियों की सेवाओं नियमित करने की बजाय प्राइवेट कंपनी को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से 1100 परिवारों के साथ धक्का कर रही है और जबरन उनके संघर्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की, लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की सेवाएं नियमित नहीं की गईं तो वह संघर्ष और तेज करेंगे।