18 नवंबर 1962 को चीन के दुस्साहसिक और अचानक हुए हमले में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए शूरवीरों को श्रद्धांजलि दी गई। देखिए कैसे?
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देखिए, चीन युद्ध में शहीद हुए शूरवीरों को कैसे दी गई श्रद्धांजलि?
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रेजांगला शौर्य दिवस के रूप में मनाए जाने वाले इस दिवस पर दक्षिण-पश्चिम कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अरुण कुमार साहनी ने रेजांगला युद्ध स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
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लेफ्टिनेंट जनरल अरुण कुमार साहनी ने होली चाइल्ड स्कूल में आयोजित समारोह में वीरांगनाओं और युद्ध वीरों को सम्मानित किया।
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इस दौरान कार्यक्रम अध्यक्ष और कुमाऊं और नागा रेजीमेंट के लेफ्टिनेंट जनरल बाबी मैथ्यूज अन्य वर्तमान और रिटायर्ड सैन्य अधिकारी व विधायक व प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।
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बहादुरी के लिए सूबेदार किशन सिंह, खेलकूद में फुटबाल खिलाड़ी राहुल, समाजसेवा के लिए शिव सहाय, पर्वतरोही कुमारी रेखा गुर्जर को रेजांगला शौर्य सम्मान दिया गया।
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आर्मी कमांडर ने समारोह में उपस्थित रेजांगला युद्ध के जीवंत सेना मेडल हवलदार निहाल सिंह, कप्तान रामचंदर, नाटक पेश करने वाले संशोरियम स्कूल के बच्चों और सूबेदार कृष्ण सिंह की माता को पांच-पांच हजार रुपये देकर सम्मानित किया गया।