सांकेतिक तस्वीर
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वहीं कई ग्राहक भी टैक्स बचाने के चक्कर में पक्का बिल नहीं लेते हैं। जब लोग अपना सोना बेचकर कुछ नया आभूषण खरीदने जाते हैं तो पता चलता है कि जितने कैरेट का सोना लिया था असल में उतना है ही नहीं। तब उनके पास पछताने के सिवाय कोई उपाय नहीं बचता।
चार तरह के चिह्न होते हैं आभूषण पर
उप महानिदेशक ने बताया कि किसी आभूषण पर चार तरह के चिह्न लगे होते हैं। एक भारतीय मानक ब्यूरो, दूसरा सोने की मात्रा 22द्म916, तीसरा सोने की जांच करने वाले केंद्र का नाम और चौथा जिस दुकान से खरीदा गया है उसका मार्क। इस चारों में से एक भी निशान कम है तो जान लीजिए आप कहीं न कहीं ठगे जा रहे हैं।