पीजीआई की डॉ. मधु गुप्ता को कोरोना के लिए तैयार की गई वैक्सीन के मानव परीक्षण करने वाली टीम की प्रिंसिपल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया। सितंबर में शुरू किए गए ट्रायल में डॉक्टर मधु ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए स्वयंसेवकों के चयन की प्रक्रिया से लेकर उनको पहली खुराक दिए व तीसरे चरण के सफलतापूर्वक पूरा किए जाने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही शहर में शुरू हुए टीकाकरण अभियान के अंतर्गत डॉ. मधु पीजीआई की ओर से बनाए गए टीकाकरण केंद्र की देखभाल की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।
कोरोना नियंत्रण की केंद्रीय टीम में शामिल रहीं
पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की डॉ. लक्ष्मी ने कोविड-काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए कोरोना कंट्रोल की केंद्रीय टीम में अपनी जगह बनाई। सितंबर में जब कोरोना चरम पर था तो भारत सरकार ने इसे नियंत्रित करने के लिए एक केंद्रीय टीम बनाई, जिनमें डॉ. पीवीएम लक्ष्मी को बतौर इन्वेस्टिगेटर शामिल किया गया। अपनी जिम्मेदारियों को उन्होंने बखूबी निभाई और कोरोना को नियंत्रण करने में उनके सुझाव पर चंडीगढ़ प्रशासन ने काम किया और कोरोना को काबू किया।
कॉमिक्स निकालकर बच्चों को किया जागरूक
कोरोना व लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर बच्चों में देखा गया। उनके डर को दूर करने के साथ कोरोना वायरस और उससे बचाव के तरीके को सरल भाषा में समझाने का काम पंजाब यूनिवर्सिटी के पर्यावरण अध्ययन विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुमन मोर ने किया। उन्होंने कॉमिक्स की एक सीरीज प्रकाशित कराई, जो न सिर्फ देश में बल्कि विश्व के कई देशों में प्रसारित हुई। यह कॉमिक्स लोगों के मन से कोरोना के डर को निकालने और उन्हें सुरक्षित रखने में बेहद कारगर साबित हुई।