भारती नाट्य उत्सव के अंतिम दिन मंच पर चेहरे नाटक का मंचन किया गया, जिसके हर किरदार में एक राज छिपा था।
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देखिए, मंच पर ऐसे 'चेहरे', हर राज जिनके गहरे
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इस नाटक के जरिए समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, व्यभिचार, प्यार, बदला, लालच को एक पुराने समय के सेटअप के माध्यम से दिखाया गया है।
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देखिए, मंच पर ऐसे 'चेहरे', हर राज जिनके गहरे
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नाटक को लेखक डॉ. शंकर ने अलग-अलग चेहरे और एक आदमी के स्वार्थी होने की जरूरत व अहंकारपूर्ण व्यवहार पर केंद्रित किया है।
देखिए, मंच पर ऐसे 'चेहरे', हर राज जिनके गहरे
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उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला और कला एवं सांस्कृतिक विभाग हरियाणा के सहयोग से पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज (गर्ल्स) सेक्टर-42 सी चंडीगढ़ में नाटय उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।