‘बिल्डिंग गिर गई है। मैं मलबे में दबा हूं। दम घुट रहा है। सांस नहीं ले पा रहा हूं। मुझे निकलवा दो। भगवान के लिए कुछ करो।’ मलबे में दबे हरबिंदर की यह पुकार मोबाइल पर परिजनों ने सुनी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह भागे भागे मोरिंडा से खरड़ पहुंचे। तो आंखों के आगे गड्ढ़े में जमींदोज इमारत थी और मलबे में दबा था हरबिंदर सिंह। हरबिंदर सिंह उसी जेसीबी का चालक था, जिससे बेसमेंट की खुदाई हो रही थी।