सीबीएसई की 12वीं कक्षा में देश भर में दूसरा, तीसरा और चौथा स्थान हासिल करने वाली पानीपत की भव्या भाटिया, हिसार की रुबीना चीमा, गुरुग्राम की आकृति किरन, हिसार की ग्रेसी सिंह और रोहतक की दक्षिता राठी ने साबित किया है कि बिना कोचिंग भी अव्वल आया जा सकता है।
इन होनहारों का कहना है कि इन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर और पढ़ाई पर फोकस करके लक्ष्य को हासिल किया है। आईएएस और जज बनने की तमन्ना रखने वाली इन प्रतिभाओं ने रोजाना चार से छह घंटे तक पढ़ाई करके अपने सपनों को साकार किया है। इन्होंने अपनी मेहनत से भविष्य के सपने गढ़े हैं।