झोंपड़ी पर तिरपाल लगाता युवक।
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झोपड़ी पूरी तरह से बल्लियों पर खड़ी की गई हैं। पराली आसपास के गांवों से एकत्रित की गई। युवाओं ने बताया कि उन्होंने रात से ही झोपड़ियों के निर्माण का काम शुरू कर दिया था। उनके बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही थी। टेंट और तिरपालों से सर्दी नहीं रुक रही थी। अब वह लगातार झोपड़ियों के निर्माण में लगे हैं। हालांकि, आसपास आग की चिंगारी से सावधान रहना होगा।