सूर्यग्रहण मेला
- फोटो : अमर उजाला
पिहोवा रोड श्री पंचदशनामी अखाड़े और थानेसर के श्री पंचायती उदासीन बड़ा अखाड़ा से दो शाही यात्राएं परंपरागत ढंग से निकलीं और सन्निहित एवं ब्रह्मसरोवर तक पारंपरिक तरीके से पहुंची, जहां मोक्ष की अवधि में इन्होंने स्नान किया। यही नहीं गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी मुक्तानंद महाराज, नागा साधुओं, संत सन्यासियों, श्रीमहंत, महामंडलेश्वर व दूसरी परंपराओं के महंतों संतों के अलावा सांसद नायब सैनी, न्यायाधीश डॉ. निलिमा शांगला, पूर्व विधायक डा.पवन सैनी सहित कई गणमान्य लोगों ने भी मोक्ष की डुबकी लगाई। मेले की भीड़ में एक खास चेहरा पड़ोसी देश नेपाल से आई 110 वर्षीया देबादेवी का भी रहा, जिन्होंने परिवार संग मोक्ष की डुबकी लगाई।