मेरी मंजिल संगीत के शिखर पर पहुंचना है। चाहती हूं कि ग्रेमी अवार्ड जीतूं। मुझको मालूम है कि यह मुकाम आसानी से नहीं मिलने वाला पर इसके लिए मैं तैयार हूं। सहारनपुर के एक मंदिर में अपनी भोली सी आवाज से भक्तों को भजन सुनाने वाली रुपाली जग्गा की आवाज अब बॉलीवुड में गूंजेगी। आइए जानते हैं इनके बारे में...
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रुपाली जग्गा
बड़े बड़े गायकों के लिए गीत का एक डमी (स्केच) तैयार करने में उनका कोई सानी नहीं और अब जल्द ही वह बॉलीवुड की फिल्मों में गाती हुई भी दिखेंगी। रुपाली जग्गा जीटीवी के सारेगामापा 2018 के लिए चंडीगढ़ पहुंची थीं। उन्होंने होटल ताज में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उनका संगीत का सफर परिवार की देन है।
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रुपाली जग्गा
रोजाना सुबह उठकर दो घंटे तक रियाज करना और अपने गले को ठीक रखने के लिए अपनी प्रिय चीजों को त्यागना सबसे आवश्यक है।
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रुपाली जग्गा
दो साल पहले खाए गोलगप्पे
रुपाली ने कहा कि उन्होंने दो साल पहले गोलगप्पे खाए थे। यह जरूर था क्योंकि गायन में ऐसी चीजों से परहेज रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोल्ड ड्रिंक और आईसक्रीम को वह नहीं खाती हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ वही नहीं बल्कि श्रेया घोषाल, कुणाल गांजावाला, कमाल खान, अमानत अली, राजा हसन, संजीवनी और बेला शेंडे जैसे गायक भी ऐसा ही करते हैं।
शास्त्रीय संगीत का दो घंटे अभ्यास
वह अपनी मां को सुनकर भजन का अभ्यास किया करती थीं। उन्होंने छह वर्ष की अवस्था से ही मंदिर में भजन गाने की शुरुआत कर दी थी। उसके बाद जब घर वालों को लगा कि अभ्यास करने से ज्यादा परिपक्वता आएगी तो रियाज शुरू कर दिया। क्लासिकल की शिक्षा हासिल की और उसके बाद आडिशंस दिए। सारेगामापा में ब्रेक मिला तो यह यात्रा एक नई मंजिल की ओर चल पड़ी। उन्होंने बताया कि अभी भी वह रोजाना दो घंटा सुबह उठकर अभ्यास करती हैं।