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'फौजी श्वान' के ये स्पेशल करतब, जिसने देखा हैरान रह गया, आप भी देखें तस्वीरें

Sat, 01 Jun 2019 01:18 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
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डॉग शो का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
आपने कई हैरतअंगेज करतब देखे होंगे। लेकिन सेना के डॉग्स के करतब देख आप दांतों तले अंगुली दबा लेंगे। बेहद प्रशिक्षित ये 'फौजी श्वान' कठिन से कठिन काम को आसानी से कर दिखाते हैं। तस्वीरों में देखें इनकी बहादुरी।
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डॉग शो - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, पंजाब के जालंधर छावनी में वज्रा को बच्चों के लिए वार्षिक ग्रीष्मकालीन कैंप का आयोजन कर रही है। इस दौरान सेना की 2 आर्मी डॉग यूनिट ने डॉग शो का प्रदर्शन किया। सैन्य परिवारों के बच्चों ने इसका भरपूर आनंद उठाया। विशेष प्रशिक्षण प्राप्त डॉग्स ने डॉग मास्टर के निर्देशन में अपने कौशल का अभूतपूर्व परिचय दिया। 
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डॉग शो - फोटो : अमर उजाला
यह भारतीय सेना की सबसे अनुभवी और सम्मानित इकाई है। यूनिट के डॉग अपने मास्टर्स के साथ-साथ सेना पदक (बहादुरी) मरणोपरांत, सेना अध्यक्ष प्रशंसा पत्र, उप सेना अध्यक्ष प्रशंसा पत्र, आर्मी कमांडर प्रशंसा पत्र और कोर कमांडर की ओर से प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किए जा चुके है। 

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डॉग शो - फोटो : अमर उजाला
दोनों आर्मी डॉग यूनिट ने ट्रैकर डॉग, गार्ड डॉग, माइन डिटेक्शन डॉग, एक्सप्लोसिव डिटेक्शन डॉग और हिमस्खलन राहत डॉग को तैनात किया है। ये डॉग्स बारूदी सुरंग का पता लगाने और हिमस्खलन में राहत आदि पहुंचाने में माहिर होते हैं। भारत में रिमाउंट एवं वेटेनरी कोर (आरवीसी) डॉग प्रशिक्षण में अग्रणीय हैं।
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डॉग शो - फोटो : अमर उजाला
भारतीय सेना में यह कोर सायलेंट वारियर्स के प्रजनन, पोषण और तैनाती के लिए उत्तरदायी है। लेब्रा डॉग, जर्मन शेफर्ड, बेल्जियन शेफर्ड (मेलाइस), कॉकर स्पेनियल और सवदेशी नस्लों जैसे मुधोल हाउंड आदि नस्लों को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण प्राप्त यह डॉग्स विभिन्न ऑपरेशन थिएटर्स में, विभिन्न सैन्य संस्थाओं, राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोहों में अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। 
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