जेल में जन्मी, वहीं पली-बढ़ी 11 वर्षीय हिना ने पहली बार जेल के बाहर की दुनिया को देखा। बाहर आकर देखिए वह क्या बोली...
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रिहा हुई जेल की बेटी 'हिना'
11 वर्षीय हिना अमृतसर सेंट्रल जेल से रिहा होकर मां और मौसी के साथ अपने वतन पाकिस्तान लौट गई है। बेकसूर होने के बावजूद कई साल जेल में गुजारने वाली इस बच्ची की रिहाई उसके जन्मदिन के चार दिन पहले हुई है।
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रिहा हुई जेल की बेटी 'हिना'
हिना थी जेल की बेटी
जेल प्रशासन के मुताबिक हिना का जन्म जेल में हुआ तो वह जेल की बेटी बन गई। उर्दू उसे नहीं आती। वह जेल के स्कूल में पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी पढ़ती थी। वह अन्य बच्चों के साथ देशभक्ति के गीत गाती और वंदेमातरम और भारत माता की जय के नारे लगाती थी। जेल में पैदा होने के कारण प्रत्येक जन्माष्टमी में वह कान्हा बना करती थी।
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रिहा हुई जेल की बेटी 'हिना'
ईद पर जेल के तरफ से उसे सौगात दी जाती। जेल में हिना ही अकेली ऐसी थी जो कहीं भी आ-जा सकती थी। जब हिना चार-पांच साल की थी, तब वह जेल में कैद महिला कैदियों के गोद में खेला करती थी। वह जेल के स्टाफ से लेकर कैदियों तक की चहेती थी। हिना के लिए भी यह जेल ही उसकी दुनिया थी।
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रिहा हुई जेल की बेटी 'हिना'
गरीबी के कारण पिता नहीं जमा करा पाए चार लाख :
आज हिना आजाद है। 11 साल बाद वो पाकिस्तान गई है। उसके परिजनों ने बताया कि हिना के अब्बू असगर अली छोटा-मोटा काम करते हैं। गरीबी के कारण वह हिना व बाकी परिजनों को जेल से रिहा करवाने के लिए चार लाख की रकम नहीं जमा करवा सके तो अमृतसर के गैरसरकारी संस्था ‘सब दा भला’ ने हिना के परिवार को सहारा दिया।
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रिहा हुई जेल की बेटी 'हिना'
संस्था ने चार लाख रुपये जमा करने के साथ ही रिहाई की प्रक्रिया पूरी कराई। हिना की वकील नवजोत चब्बा के मुताबिक हिना और जेल में कैद उसके अन्य परिजनों ने यहां रहते हुए जो काम किया था, उसके बदले मेहनताने के तौर पर जेल प्रशासन की ओर से उन्हें एक लाख रुपये दिए गए।
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रिहा हुई जेल की बेटी 'हिना'
मैं तो इंसान हूं : हिना
जेल से आजाद होकर खुले आसमां के नीचे आई 11 वर्षीय हिना ने कहा कि न मैं पाकिस्तानी हूं और न हिंदुस्तानी, मैं तो इंसान हूं। मैं नहीं जानती की जेल के बाहर लोग कैसी जिंदगी लोग जीते हैं। हालांकि खुश हूं कि हम रिहा हो गए हैं।
आठ मई 2006 को ड्रग तस्करी में हिना की अम्मी फातिमा बेगम, खाला (मौसी) मुमताज व नानी रशीदा बेगम को सीमा शुल्क विभाग ने अटारी रेलवे स्टेशन पर उस समय गिरफ्तार किया था, जब वे तीनों समझौता एक्सप्रेस से यहां पहुंचे थे। उनके पास से भारतीय जाली करंसी और हेरोइन बरामद हुई थी। इसी आधार पर तीनों को दस-दस साल की सजा हुई। फातिमा उस समय गर्भवती थी और उसने 2006 में ही जेल में हिना को जन्म दिया था। नानी रशीदा बेगम साल 2015 में जेल में ही अल्लाह को प्यारी हो गई थी।