फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?

Mon, 11 May 2015 07:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला
विज्ञापन
1 of 10
1857 की क्रांति सफल नहीं हो पाई थी। इसके फेल होने के पीछे का सच अब सामने आया है, जिसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे। तस्वीरों में पूरा मामला। रिपोर्टः मोहित धुपड़, अंबाला सिटी
विज्ञापन

बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?

2 of 10
आजादी का जज्बा अंग्रेजी फौजों में शामिल हिंदुस्तानी सिपाहियों में जाग चुका था। अंबाला में उत्तर भारत की बड़ी अंग्रेज छावनी में भी हिंदुस्तानी फौजें अंग्रेजी हुकूमतों के खिलाफ तनकर खड़ी हो चुकी थीं। इसी का नतीजा यह रहा कि 26 मार्च 1857 से लेकर 10 मई 1857 तक अंबाला में 13 जगह हिंदुस्तानी सिपाहियों द्वारा आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका था। अंग्रेजों की एक पुलिस चौकी तक फूंक दी थी।
विज्ञापन

बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?

3 of 10
दूसरी ओर, अंबाला में हिंदुस्तानी सिपाहियों के इस विद्रोह की सूचना दूसरी अंग्रेज छावनियों तक भी पहुंच चुकी थी। इसलिए ये फैसला किया गया कि 10 मई 1857 को फिर से एक साथ देशभर की विभिन्न अंग्रेज छावनियों पर हिंदुस्तानी सिपाही हल्ला बोलेंगे।

बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?

4 of 10
अंबाला छावनी में भी इसी योजना के तहत 09 मई 1857 को अंग्रेजों की काली पलटन के हिंदुस्तानी सिपाहियों ने एक गुप्त बैठक की, जिसमें 10 मई 1857 को अंग्रेजों के खिलाफ एक बड़ी जंग छेड़ने की योजना तैयार की गई। क्रांतिकारी सिपाहियों की इस गुप्त मीटिंग में तत्कालीन अंबाला के डीसी एवं सुपरीटेंडेंट अंग्रेज अफसर फोर्थस्यिथ का गनमैन श्याम सिंह भी शामिल था।
विज्ञापन

बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?

5 of 10
बस, श्याम सिंह की ही गद्दारी ने हिंदुस्तानी सिपाहियों की इस बडे़ स्तर पर छेड़ी क्रांति को फेल कर दिया। 9 मई की रात को हिंदुस्तानी सिपाहियों की गुप्त मीटिंग अटैंड करके श्याम सिंह ने सिपाहियों की अंग्रेजों पर अटैक करने की पूरी योजना अपने अफसर फोर्थस्यिथ को बता दी। बस, उसके बाद तो अंग्रेजों ने ऐसी चाल चली कि सिपाहियों ने क्रांति तो की, मगर वे खुद इस क्रांति का शिकार हो गए।
विज्ञापन

बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?

6 of 10
दरअसल, 10 मई 1857 के दिन अंबाला के डुरंड रोड पर अंग्रेजों के एक नए चर्च का उद्घाटन था। इस चर्च के  ठीक सामने बने घर में भी बड़े अंग्रेज अफसर रहता था। उसके समेत तमाम छोटे-बड़े अंग्रेज अफसरों को इस उद्घाटन में पहुंचना था।
विज्ञापन

बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?

7 of 10
इतिहासविद् एवं शोधकर्ता तेजिंद्र सिंह आहलुवालिया ने ‘अमर उजाला’ से म्यूटिनिट रिकॉर्ड के तथ्यों को सांझा करते हुए बताया कि ब्रिटिश फौज में शामिल हिंदुस्तानी सिपाहियों ने 09 मई को योजना बनाई कि 10 मई 1857 को सुबह 9 बजे जब तमाम अंग्रेज अफसर इस चर्च के कार्यक्रम में बिना हथियार के भाग लेने आएंगे, तो काली पलटन से 243 हिंदुस्तानी सिपाही उन पर अटैक करेंगे और अंग्रेज अफसरों को मार गिराया जाएगा।

बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?

8 of 10
मगर इन खतरनाक मंसूबों से हिंदुस्तानी सिपाही एवं डीसी का गनमैन श्याम सिंह घबरा गया और उसने तुरंत ये सूचना अपने अफसर फोर्थस्यिथ को रात में ही बता दी। उसके बाद अंग्रेजों ने रातोंरात सारा कार्यक्रम बदल दिया और चर्च व उसके सामने अंग्रेज अफसर की कोठी के आसपास आधी रात को चुपचाप सैकड़ों हथियारों से लैस अंग्रेजी फौजें तैनात कर दीं।

बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?

9 of 10
सुबह तयशुदा वक्त पर काली पलटन से 243 हिंदुस्तानी सिपाहियों ने चर्च की ओर बढ़ते हुए अटैक कर दिया। वहां किसी को भी न पाकर हिंदुस्तानी फौजों का नेतृत्व कर रहे सिपाही हैरान रह गए। देखते ही देखते हथियारों से लैस हिंदुस्तानी सिपाहियों को हथियारों से ही लैस अंग्रेजी सिपाहियों ने घेर लिया। अंग्रेजों की इस चाल को देखकर हिंदुस्तानी फौजों ने अंग्रेज सिपाहियों पर गोलियां बरसा दीं और इस भगदड़ में 7 सिपाही भाग निकले।
विज्ञापन

बड़ा खुलासाः जानिए, क्यों फेल हो गई थी 1857 की क्रांति?

10 of 10
एक घंटे की मशक्कत के बाद 10 बजे 236 हिंदुस्तानी सिपाहियों को अंग्रेज फौजों ने सरेंडर करवा लिया, जबकि गोलियां चलाकर फरार हुए सात सिपाहियों को भी उसी दिन दोपहर बाद गिरफ्तार कर लिया। अंबाला के बाद मेरठ में शाम को 4 बजे क्रांति का बिगुल बजाया गया। मगर बाद में सभी छावनियों में अंग्रेजों द्वारा इस विद्रोह का दबा दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें