50 साल बाद सावन के महीने में ऐसा शुभ संयोग बन रहा है कि भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से गणपति प्रसन्न होंगे और इच्छित फल प्रदान करेंगे।
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इस साल सावन में गजपति ग्रहण जयंती योग बन रहा है। ऐसा संयोग 50 साल बाद आया है। यह कहना है सेक्टर 30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का। बीरेंद्र नारायण ने बताया कि बुधवार से सावन का महीना शुरू हो रहा है।
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16 जुलाई की रात तीन बजकर आठ मिनट पर पूर्णिमा समाप्त होकर श्रावण कृष्ण पक्ष प्रतिपदा का प्रारंभ होगा। 16 जु़लाई रात्रि को ग्रहण चार बजकर 30 मिनट पर समाप्त हो रहा है। संक्रांति का प्रारंभ काल भी इसी रात्रि को चार बजकर 32 मिनट पर हो रहा है।
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यदि संक्रांति ग्रहण के समय श्रावण मास का प्रारंभ हो, सूर्योदय काल में बुधवार का दिन हो तो उस परिस्थिति में गजपति ग्रहण जयंती योग बनता है। श्रावण के महीना में शिव पूजन का विशेष महत्व है। गजपति ग्रहण जयंती योग में गणपति पूजन का अधिक महत्व होता है। इस योग में गणपति के पूजन से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
गणेश जी को मोदक, दूर्वा अर्पित करना शुभ होगा। श्रावण में प्रतिदिन शिव पूजन का विशेष महत्व है, इसलिए प्रतिदिन अथवा सोमवार या प्रदोष काल में शिव पूजन और पार्थिव पूजन करना चाहिए। सोमवार का दिन भगवान शिव को अधिक प्रिय है, इसलिए इस दिन शिव पूजा करने से भगवान अधिक प्रसन्न होते हैं।