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देखिए, 'भोली सूरत' का 'सच' चौंका देगा आपको

Wed, 10 Dec 2014 12:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरवाला (हिसार)
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सतलोक आश्रम के 'संत' रामपाल की खासमखास बबीता दिखने में भोली सही, लेकिन इसकी शातिराना करतूतें चौंका देगी आपको। तस्वीरों में पूरी कहानी।
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खास अनुयायी बबीता करौंथा कांड में रामपाल के जेल जाने के बाद से आश्रम का संचालन भी करती थी। जब तक रामपाल जेल में रहे, महिला अनुयायियों को निर्देश देने संबंधी जिम्मेदारी उसके पास थी। पुलिस के सामने बबीता ने रिमांड के दौरान इस बात का खुलासा किया है।
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पुलिस के सामने बबीता ने बताया है कि रामपाल की सबसे नजदीक महिलाओं में से वह अकेली ही हैं। इसके अलावा आश्रम में चार-पांच अन्य महिला अनुयायी भी थीं, लेकिन रामपाल की देखरेख, खाने-पीने की व्यवस्था, खास भक्तों से मिलने का समय सब बबीता निर्धारित करती थी।

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पुलिस की डिस्क्लोजर रिपोर्ट के अनुसार बबीता ने बताया है कि वह वर्ष 2002 से आश्रम से जुड़ी थी। रामपाल की शरण में वह उसके फूफा के माध्यम से आई थी। सबसे पहले बबीता के फूफा ने करौंथा आश्रम में रामपाल से मुलाकात करवाई। धीरे-धीरे वह रामपाल की खास अनुयायी बन गई।
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जब रामपाल जेल में चला गया तो उसने विश्वसनीयता का परिचय दिया और अच्छे ढंग से आश्रम का संचालन किया। इसके बाद रामपाल की तरफ से भी बेबी विश्वासपात्र बन गई। रामपाल ने उसे अपने आलीशान बंगले में ही रख लिया।
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पूछताछ में बबीता ने रामपाल के राजदारों की बात को भी पुख्ता किया है। राजकपूर और राजेंद्र ने बताया था कि आश्रम में पांच लोगों की मौत पुलिस की लाठियों से नहीं, बल्कि उन्हें कमरे में बंद किए जाने से ही हुई थी। डिस्क्लोजर रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि महिलाओं और बच्चों को रामपाल के कहने पर ही एक कमरे में बंद किया गया था। दम घुटने से चार महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई।
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