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सिद्धू की चुप्पी से अटकलों को मिली हवा, जानिए क्या चाहते हैं राहुल गांधी-नवजोत और कैप्टन?

Tue, 30 Jun 2020 11:36 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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Navjot Singh Sidhu - फोटो : ANI
नवजोत सिद्धू को लेकर पंजाब में अटकलों का दौर जारी है। लेकिन वे क्या चाहते हैं, राहुल गांधी क्या चाहते हैं और कैप्टन अमरिंदर सिंह के क्या विचार हैं, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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Navjot Singh Sidhu - फोटो : twitter
दरअसल, पंजाब की सियासत में कांग्रेसी विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू बड़ा सवाल बन गए हैं। उन्हें लेकर आए दिन सूबे के सियासी गलियारों में कोई न कोई चर्चा होती रहती है। हालांकि पिछले साल कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद से अब तक नवजोत सिद्धू सक्रिय राजनीति से दूर हैं और किसी भी तरह की बयानबाजी के बचते हुए गहन चुप्पी साधे हुए हैं। यहां तक कि वे किसी चर्चा या अटकलों का भी कोई जवाब नहीं दे रहे।
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Navjot Singh Sidhu - फोटो : फाइल फोटो
हाल ही में सिद्धू के आम आदमी पार्टी में शामिल होने और आप द्वारा उन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पेश किए जाने की चर्चा छिड़ी थी। बीते कुछ दिनों से एक चर्चा फिर से सुर्खियों में है कि सिद्धू को पंजाब सरकार में डिप्टी सीएम का पद दिया जा रहा है। इन चर्चाओं के बीच भी सिद्धू चुप हैं। वे न तो मीडिया से मिल रहे हैं और न ही चर्चाओं पर कोई प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं सिद्धू के बारे में हो रही सारी चर्चाएं और अटकलें एकतरफा ही साबित हो रही हैं, क्योंकि इनकी कभी पुष्टि नहीं हुई।

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Navjot Singh Sidhu - फोटो : file photo
यह जगजाहिर है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू में बिगड़े संबंध आज तक सुधर नहीं पाए हैं। सिद्धू की कांग्रेस आलाकमान से गहरी पैठ भी किसी से छिपी नहीं है। वे राहुल और प्रियंका के प्रिय नेता हैं और कांग्रेस उन्हें किसी कीमत पर अलग नहीं करना चाहती। आलाकमान के सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में लाना चाहते हैं, लेकिन सिद्धू पंजाब की राजनीति में ही खुद को सक्रिय रखने के इच्छुक हैं।
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Navjot Singh Sidhu
दूसरी ओर, कैप्टन के मुख्यमंत्री रहते सिद्धू को डिप्टी सीएम का पद मिलना लगभग नामुमकिन है, क्योंकि कांग्रेस आलाकमान पंजाब में किसी भी नेता की नियुक्ति में कैप्टन की राय को अनदेखा नहीं कर सकती। नवजोत सिद्धू इन दिनों अपने सोशल मीडिया चैनल पर तो सक्रिय हैं, लेकिन खुद से या प्रदेश कांग्रेस से जुड़े किसी भी मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से परहेज कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सिद्धू को उनकी खामोशी के बावजूद सूबे की राजनीति में उनकी मौजूदगी कायम रखने के लिए सत्ता का एक वर्ग, जो कैप्टन से खुश नहीं है, उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखना चाहता है।
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