एटीएम के बाहर लंबी लाइनें लगी हैं और कैश की भारी किल्लत चल रही है। आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर ने इसके पीछे का कारण बताया तो जानकर सभी चौंक गए।
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एटीएम के बाहर पैसा निकालने के लिए लगी कतार।
एटीएम व लंबी कतारों से अभी लोगों को राहत मिलने के आसार नहीं हैं। लोगों के पास लाइनों में लगने के अलावा कोई और चारा नहीं है। शनिवार को तो ऐसी स्थिति थी कि चंडीगढ़ के सभी सेक्टरों में एटीएम दोपहर तक खाली हो गए। उसके बाद उनमें पैसा नहीं डाला गया। सिर्फ सेक्टर-17 के एसबीआई के एटीएम से ही पैसा निकल रहा था।
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बैंकों में भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इस स्थिति को लेकर आरबीआई चंडीगढ़ जोन के डायरेक्टर निर्मल चंद कहते हैं कि नए व छोटे नोट बैंकों में नहीं लौट रहे हैं। लोग इन्हें जमा कर रहे हैं, जिसके कारण संकट ज्यादा बढ़ा है। जिन लोगों के पास नए पुराने नोट हैं वो खर्च करने से बच रहे हैं। बैंकों के पास पैसा नहीं आ रहा है, इसलिए एटीएम में कैश की किल्लत है।
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एटीएम के बाहर लगी लाइन
निर्मल चंद ने ये भी कहा कि एटीएम के बाहर भीड़ जरूर कुछ बढ़ी है। क्योंकि महीने की शुरूआत है और सबकी सैलरी बैंक में आई है। हफ्ते भर में स्थिति कंट्रोल में आ जाएगी। पहले भी देखा गया था कि एटीएम में पैसे आसानी से मिलने लगे थे। जैसे ही पैसों का चलन बाजार व बैंकों में सामान्य होगा लोगों की दिक्कतें कम हो जाएंगी।
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एटीएम पर लगी लंबी कतार
चंडीगढ़ में कैश को लेकर कई तरह की शिकायतें आ रही हैं। जैसे लोगों को उनके ब्रांच से ही पैसे निकालने को कहा जा रहा है। सेक्टर-8 के पंजाब को ऑपरेटिव बैंक में कैश निकालने पहुंचे नीटू को कहा गया कि वे मनीमाजरा में जा कर अपनी ब्रांच से पैसा निकालें। जिस पर नीटू ने कहा कि उनका खाता तो उनके बैंक में ही है लेकिन बैंक वालों ने उसे पैसे नहीं दिए।
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एटीएम पर पैसा निकालने के लिए लगी लोगों की लंबी कतार।
पैसे वाले एटीएम की तलाश में लोग एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर तक चक्कर काट रहे हैं। सेक्टर-29 व तीस में चार एटीएम है लेकिन शनिवार दोपहर तक सिर्फ एक ही एटीएम चल रहा था। जिसके बाहर लाइन में लगी सेक्टर 24 की महिला रुचि ने बताया कि उनकी सैलरी 30 तारीख को आ गई थी। लेकिन पैसे अभी तक नहीं निकल पाए हैं। दूधवाले से लेकर सब्जी वाले तक हर किसी से उधार लेकर काम चला रहे है।
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एटीएम पर लगी लंबी लाइन
एसडी कालेज से एम कॉम कर रही सोनाली भी पैसे वाले एटीएम की तलाश में सेक्टर-32 से सेक्टर-30 पहुंची थीं। उन्होंने बड़े निराश मन से बताया कि 9 दिसंबर को उनका जन्मदिन है, लेकिन अभी तक वो पैसे नही निकाल पाईं हैं। इस बार लगता है कि बर्थडे केक भी नहीं कट पाएगा। साथ ही वे कॉलेज की भी फीस जमा नही कर पाई है और पीजी का किराया भी बकाया है।
वहीं टूर एंड ट्रेवल कंपनी चलाने वाले के एल बंसल कहते हैं कि जब से नोटबंदी हुई है तब से उनका बिजनेस काफी डाउन हो गया है। लोगों से उधारी करनी पड़ती है। बाद में पैसों केलिए उनके पीछे लगना पड़ता है। सेक्टर-29 की मनिंदर कौर कहती हैं कि पहले पैसे होते थे तो बिना सोचे समझे शॉपिंग हो जाती थी। लेकिन अब एक एक रुपया सोच समझ कर खर्च करना पड़ रहा है। सिर्फ जरूरी चीजों की ही खरीददारी हो रही है।