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करवाचौथ स्पेशल: जानें कब निकलेगा चांद, इन बातों का भी ध्यान जरूर रखें

Sun, 08 Oct 2017 06:53 PM IST
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Karwa Chauth 2017
करवा चौथ के खास मौके पर अमर उजाला आपको कुछ ऐसे 5 आसान कामों के बारे में बताने जा रहा है कि अगर उनका पालन किया जाए तो महिलाओं को उनके व्रत का फल जरूर मिलेगा।
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Karwa Chauth 2017
चंडीगढ़ के सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि करवा चौथ पर चंद्रमा रात आठ बजकर 13 मिनट पर निकलेगा। नौ अक्तूबर दिन सोमवार को चतुर्थी तिथि दोपहर में दो बजकर 17 मिनट पर समाप्त हो रही है। 
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Karwa Chauth 2017
सुहागन पहनें लाल कलर के कपड़े
इस दिन महिलाओं का यह व्रत उनके पति से जुडा हुआ होता है। इसी कारण महिलाओं को लाल रंग के कपड़े पहनना चाहिए। आप चाहे तो इस दिन अपनी शादी का लहंगा या फिर और कोई लाल रंग का लहंगा या फिर साड़ी पहन सकती है। लाल रंग पहनने का कारण है कि इसे सुहाग की निशानी मानी जाती है। साथ ही यह प्रेम का प्रतीक माना जाता है। 

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karwa chauth
एकाग्र होकर सुनें करवा चौथ की कथा
करवा चौथ के दिन जितना महत्व व्रत और पूजा करने का होता है। उतना ही महत्व करवा चौथ की कथा का भी है। इसलिए इस कथा को बडे ही एकाग्र होकर सुनना चाहिए। कभी-कभी हम देखते है कि कई महिलाएं ऐसी होती है कि वह एकचित्त होकर नही सुनती है। उनका मन और कही लगा होता है। जो शास्त्रों के अनुसार गलत माना जाता है। इसलिए सभी महिलाओं को एकाग्र होकर कथा सुननी चाहिए। जिससे आपको शुभ फल मिलेगा।
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करवा चौथ
करवा चौथ के दिन शाम को गाएं गीत
करवा चौथ के दिन पूजा करने के लिए हमारें आस-पास की भी महिलाएं एक जगह एकत्रित होकर व्रत करती है और पूजा करती है। साथ ही व्रत की कथा सुनी जाती है। जब तक चांद नही निकल आता। तब तक महिलाएं गीत भी गाती है। इसलिए आप भी इस दिन गीत गाएं जिसे  बहुत ही शुभ माना जाता है और आपको अच्छा फल भी मिलता है।
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Karwa Chauth 2017
सास अपनी बहू के दे सरगी
करवा चौथ के व्रत पर सरगी का सबसे अधिक महत्व है। इसके बिना तो व्रत की शुरुआत नही होती है। यह सरगी सास अपनी बहू को देती है। जो व्रत शुरू होने से पहले दी जाती है। इस सरगी में कुछ मिठाइयां और कपड़े और श्रृंगार का सामान होता है। इस सरगी को बहू करवा चौथ के दिन सूर्योदय होने से पहले सुबह लगभग चार बजे के आस-पास खाती है। इसके साथ ही उनके व्रत शुरू हो जाता है। महिलाएं इस व्रत को पूरी श्रृद्धा के साथ रखती है और शाम को जब चांद निकलता है असके बाद ही अपना व्रत खोलती है।
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मुरादाबाद में करवाचौथ का पूजन - फोटो : अमर उजाला
मां भेजे अपनी बेटी को बाया
करवा चौथ में जिस तरह सरगी महत्वपूर्ण होती है उसी तरह बाया भी होता है। इस दिन मां अपनी बेटी को शाम को पूजा शुरू होने से पहले उसके घर या फिर उसे बाया देती है। इस बाया में कुछ मिठाईयां, गिफ्ट, ड्राई फुट्स आदि दिए जाते है।
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