बाबा हरदेव सिंह के निधन के बाद निरंकारी मिशन की पहली महिला प्रमुख सविंदर कौर का एक ऐसा सच जानिए, जिसे जानकर आप उन्हें सेल्यूट करेंगे।
विज्ञापन
2 of 5
निरंकारी मिशन की पहली महिला प्रमुख सविंदर कौर
- फोटो : फाइल फोटो
1975 में निरंकारी संत समागम में एक सादे समारोह में बाबा हरदेव सिंह के साथ उनकी शादी हुई थी और वो भी बिना दहेज के। इसके साथ ही निरंकारी मिशन ने बिना दहेज के शादियां कराने संकल्प लिया गया। यह शादी मिशन के लिए मिसाल बनी और आज भी यह परंपरा जारी है। इसका पालन करते हुए माता सविंदर ने अपनी बेटियों की शादी भी साधारण तरीके से की।
विज्ञापन
3 of 5
निरंकारी मिशन की पहली महिला प्रमुख सविंदर कौर
- फोटो : अमर उजाला
माता सविंदर कौर का जन्म फर्रूखाबाद के एक व्यापारी मनमोहन सिंह के घर 12 जनवरी, 1957 को हुआ, लेकिन परिवार के नजदीकी हरियाणा के यमुनानगर जिले के गुरमुख सिंह ने उन्हें गोद ले लिया। क्योंकि उनकी कोई संतान नहीं थी। इस तरह सविंदर कौर यमुनानगर आ गईं। यहीं रहकर उन्होंने अपनी पढ़ाई की। ग्रेजुएशन करने के बाद वे दिल्ली चली गई। क्योंकि गुरमुख सिंह का परिवार निरंकारी मिशन से जुड़ा था, इसलिए वे भी इससे जुड़ गईं।
4 of 5
निरंकारी मिशन की पहली महिला प्रमुख सविंदर कौर
- फोटो : फाइल फोटो
इस तरह माता सविंदर कौर परिवार वालों के साथ सत्संग में जाती रहती थीं। आगे चलकर वे एक श्रद्धालु की तरह मिशन से जुड़ गई और सेवा भाव करने लगीं। इस बीच उनकी मुलाकात बाबा हरदेव सिंह जी से हुई। बातचीत आगे बढ़ी और परिवार वालों ने उनकी शादी तय कर दी। लोगों को दहेज के खिलाफ प्रेरित करने के लिए उस समय निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी और माता सविंदर जी ने बिना दहेज के शादी की।
निरंकारी मिशन की पहली महिला प्रमुख सविंदर कौर
- फोटो : फाइल फोटो
इस समय माता सविंदर कौर निरंकारी मिशन की पहली महिला प्रमुख हैं। 13 मई को कनाडा में एक सड़क हादसे में निरंकारी बाबा हरदेव सिंह के निधन के बाद उन्हें गद्दी सौंपी गई। 18 मई को बाबा हरदेव सिंह के संस्कार के बाद माता सविंदर को सतगुरु की शक्तियों की निशानी सफेद दुपट्टा भेंट किया। इस दौरान मैनेजमेंट कमेटी के 21 सदस्य वहां मौजूद थे। अब वे निरंकारी मिशन के 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करेंगी।