करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक सिरसा डेरा सच्चा सौदा क्या है और इसकी स्थापना कैसे हुई। जानिए इसकी और इसके अब तक के प्रमुखों की पूरी कहानी...
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राम रहीम का डेरा सच्चा सौदा
डेरा सच्चा सौदा (डीएसएस) एक सामाजिक कल्याण एवं आध्यात्मिक संगठन है, जिसकी स्थापना मस्ताना बलूचिस्तानी नामक एक साधु ने 29 अप्रैल 1948 को एक आध्यात्मिक शिक्षा केंद्र के रूप में की थी। हरियाणा के सिरसा में डेरे का मुख्यालय है। देशभर में इसके कुल 46 आश्रम हैं। अमेरिका, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन समेत कई देशों में इसके कई केंद्र हैं। डेरा सच्चा सौदा के विश्वभर में करीब 6 करोड़ अनुयायी हैं।
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Ram Rahim
डेरा की स्थापना करने वाले बाबा मस्ताना बलूचिस्तानी को उनके समर्थक बेपरवाह मस्तानाजी महाराज के नाम से बुलाते थे। बाबा मस्ताना बलूचिस्तानी का 18 अप्रैल 1960 को निधन हो गया, जिसके बाद 25 जनवरी 1919 को जन्मे बाबा शाह सतनाम सिंह ने 41 वर्ष की उम्र में डेरा प्रमुख का पद संभाला। शाह सतनाम सिंह 1990 तक डेरा प्रमुख रहे। 13 दिसम्बर 1991 को उनका निधन हो गया। इसके बाद 23 सितंबर 1990 को गुरमीत राम डेरा सच्चा सौदा के तीसरे प्रमुख बने।
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Ram Rahim
डेरे ने गुरमीत राम रहीम सिंह के कार्यकाल में तरक्की की। डेरा का विस्तार गांव नेजिया तक हुआ। आज डेरा किसी मिनी कंट्री से कम नहीं है। डेरा सच्चा सौदा ट्रस्ट ही डेरा का संचालन करता है। इसके आधीन डेरा प्रबंध कमेटी कार्य करती है। डेरा कमेटी में ग्राम पंचायत स्तर पर भंगीदास होते हैं जो देखभाल करते हैं। वह डेरा से मिले दिशा निर्देश को नामचर्चा के दौरान श्रद्धालुओं तक पहुंचाते हैं।
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Ram Rahim
भंगीदास के के ऊपर सात मेंबर कमेटी, उसके बाद 15, इसके बाद 25 और प्रदेश स्तर पर 45 मेंबर कमेटी होती हैं। ये सभी कमेटियां आपस में तालमेल रखते हुए कार्य करती हैं। हर कमेटी के कार्य की रिपोर्ट डेरा प्रमुख तक पहुंचाई जाती थीं, अच्छा कार्य करने वालों को सत्संग में ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाता था। महिलाओं के लिए गठित कमेटी में शामिल महिलाओं को सुजान बहने कहा जाता था।
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Ram Rahim
इसके साथ ही यूथ वीरांगना संगठन था, जिसमें शामिल महिलाएं सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया करती थीं। डेरा सच्चा सौदा में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स का गठन किया गया, जिसमें करीब 40 हजार श्रद्धालु शामिल थे। जिनकी अपनी वेशूभषा होती है। इसके आधार पर इन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है। हर प्रकार की आपदा में यही फोर्स कार्य करती थी।
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राम रहीम को साध्वी रेप केस में सजा
डेरा की अपनी सुरक्षा सिस्टम था सुरक्षागार्ड स्वयं ही तैयार किए जाते थे, जिन्हें कमांडों की भांति प्रशिक्षण दिया जाता था। बाहरी फोर्स पर डेरा कम ही भरोसा करता था। महिला और पुरुषों के अलग-अलग सुरक्षा दस्ते होते थे। डेरा की हर गतिविधि का संचालन एडमिन ब्लॉक से होता था। जिसे आम भाषा में डेरा का पीएमओ कहा जा सकता है। विपासना इंसां चेयरपर्सन की कमान संभाले हुए है। उपाध्यक्ष के रूप में उनके कई सहायक हैं।
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ram rahim
इसके अलावा कई तरह के विभाग बनाए गए हैं, हर विभाग का कार्य अलग पदाधिकारी को सौंपा गया है। मंत्रालय की भांति हर पदाधिकारी अपने अपने विभाग की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। जैसे परिवहन विभाग, खेती विभाग, लंगर समिति, मेडिकल विभाग, खेल विभाग, डेयर एवं पशुपालन, समाज एवं कल्याण विभाग, निर्माण विभाग, आईटी विभाग, पंडाल विभाग, बिजली विभाग, साउंड एंड सिस्टम आदि। हर विभाग का अपना-अपना अलग कार्यालय है।
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राजनीति विंग डेरा का सबसे मजबूत विभाग रहा है। हर प्रदेश का अपना राजनीतिक विंग है। किस पार्टी या किस नेता को समर्थन देना है यही विंग श्रद्धालुओं से फीडबैक लेकर राष्ट्र स्तरीय राजनीतिक विंग को पहुंचाती थी उसके बाद उच्चाधिकारियों से सलाह करते श्रद्धालुओं तक संदेश पहुंचा दिया जाता था कि किस विधानसभा क्षेत्र में किसका समर्थन करना है। इस बार ऐसा पहली बार हुआ जब डेरा ने खुलकर भाजपा का समर्थन किया।
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बाबा गुरमीत राम रहीम केस अपडेट
डेरा प्रमुख ने पहली बार परिवार के साथ गांव शाहपुर बेगू स्थित मतदान केंद्र पर मतदान किया था। नतीजा यह रहा कि भाजपा बहुमत के साथ सत्ता में आई। डेरा अपना सब कुछ अपने यहां पर बनाना चाहता था और जरूरत के अधिकतर प्रोडक्ट का निर्माण सिरसा में शुरू किया। एमएसजी कंपनी के उद्घाटन अवसर पर डेरा प्रमुख ने कहा था कि वे सुई से लेकर हवाई जहाज तक यहीं पे बनाएंगे और इसी कथन पर कंपनी कार्य कर रही थी। कंपनियों में कार्य फिलहाल स्थगित है।
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Ram Rahim Verdict
डेरा का अपना समाचार पत्र है, जिसका कई राज्यों में प्रकाशन तो कई राज्यों में वितरण होता है। डेरा अपनी बात इसी के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंचाता रहा है। डेरा ने अपना सौर ऊर्जा पैनल लगाया हुआ है जहां पर अपनी खपत की आधे से ज्यादा बिजली पैदा करने की तैयारी थी। डेरा में उसका अपना सिक्का चलता था। प्लास्टिक के टोकन दिए जाते थे रंग के अनुसार उनकी वैल्यू तय की गई थी कोई डेरा का दुकानदार लेने से इंकार नहीं कर सकता था।
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बाबा गुरमीत राम रहीम केस अपडेट
डेरा ने अपना फिल्म स्टूर्रडयो स्थापित किया था। अली मोहम्मद के पास 35 एकड़ में फिल्म शूटिंग रेंज स्थापित की गई। डेरा में माही सिनेमा के नीचे स्टूडियो स्थापित किया गया। जहां पर उत्तर भारत का सबसे बड़ा वीएफएक्स स्टूडियो है। डेरा ने 15 दिन में फिल्म जट्टू इंजीनियर बनाकर रिलीज कर दी थी। गुरमीत राम रहीम सिंह के डेरा सच्चा सौदा में 42 गांवों के बराबर बिजली की खपत होती थी।
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गुरमीत राम रहीम सिंह
नाथुसरी चौपटा सब डिवीजन में अंतर्गत कुल 43 गांव हैं, लेकिन उसे डेरा से सबसे अधिक कमाई होती रही है। बताया जाता है कि डेरे का हर महीने करीब सवा करोड़ रुपये का बिजली बिल आता रहा है। नाथुसरी चौपटा सब डिवीजन से डेरे के लिए स्पेशल फीडर चलता है और उसे शाहपुर बेगु स्थित सब स्टेशन से बिजली सप्लाई मिलती है। विशेष बात यह है कि बिजली निगम द्वारा डेरा सच्चा सौदा में 24 घंटे बिजली सप्लाई दी जाती थी।
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गुरमीत राम रहीम सिंह
बिजली अधिकारियों की मानें तो करीब सवा करोड़ रुपये तक बिल आने के बावजूद भी डेरा पर बिजली निगम का एक भी पैसा बकाया नहीं है। इससे नाथुसरी चौपटा की बिलिंग रैंकिंग में भी अच्छा सुधार होता था। डेरे में करीब 350 घरेलू उपभोक्ता हैं, जबकि 20 बड़ी इंडस्ट्रीज और 25 छोटी इंस्डस्ट्रीज चल रही हैं। आमतौर पर एक फीडर पर कई गांवों को जोड़ा जाता है, लेकिन डेरा सच्चा सौदा के फीडर पर डेरे के अलावा सिर्फ दो गांवों नेजियाखेड़ा व अली मोहम्मद को बिजली दी जाती है।
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राम रहीम
- फोटो : self
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने फिल्मी दुनिया में छाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए थे। इसके लिए मुंबई की तर्ज पर डेरा सच्चा सौदा में वीएफएक्स स्टूडियो बनाया गया। स्टूडियो भी इतना आलीशान कि एक साथ कई फिल्मों की शूटिंग की जा सके। स्टूडियो में अत्याधुनिक और महंगे कैमरे लगाए गए। फिल्मों की शूटिंग के लिए डेरा परिसर में ओपन स्पेस भी खूब रखा गया है। बाग, बगीचे, खेत-खलिहान, पानी दिखाने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।
एमएसजी-द लायन हार्ट फिल्म की शूटिंग के दौरान तो अली मोहम्मद गांव की तरफ डेरे में बने मिट्टी के पहाड़ को शेर के मुंह की शक्ल दी गई। डेरा प्रमुख की हर फिल्म में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ता चला गया। डेरा प्रमुख की पहली फिल्म एमएसजी-द मैसेंजर आफ गॉड जनवरी 2016 में रिलीज हुई थी। इसके बाद एमएसजी-2, एमएसजी-द वारियर, एमएसजी-द लायन हार्ट व हिंद का नापाक को जवाब सहित पांच फिल्में रिलीज हो चुकी हैं।