'मैं पापा के साथ कोर्ट में थी, देशद्रोही कैसे हो सकती हूं। वीडियो में मैंने कोई इशारा भी नहीं किया। क्या बाप अपनी बेटी के सिर पर हाथ नहीं रख सकता?'
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Honeypreet Insan Arrest
रामरहीम की मुंह बोली बेटी हनीप्रीत ने गिरफ्तारी से पहले इमोशनल कार्ड खेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एकाएक सामने आई हनीप्रीत ने दो निजी खबरिया चैनलों को डेरा प्रकरण से जुड़े हर सवाल पर इंटरव्यू देकर खलबली मचा दी।
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Honeypreet Insan Arrest
हनीप्रीत ने रोते-रोते कहा कि मैं और मेरे पापा बेगुनाह हैं। सच सामने आएगा। हम बेगुनाही जरूर साबित होंगे। बड़ी से बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। पंचकूला में हिंसा शरारती तत्वों ने भड़काई। जिसने आज तक कीड़ा भी नहीं मारा, उस पर देशद्रोह का मुकदमा समझ नहीं आता।
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प्रियंका तनेजा ऐसे बनी राम रहीम की हनीप्रीत
उसने तमाम सवाल भी उठाए हैं। कहा कि मैं पापा के साथ कोर्ट में थी, देशद्रोही कैसे हो सकती हूं। वीडियो में मैंने कोई इशारा भी नहीं किया। क्या बाप अपनी बेटी के सिर पर हाथ नहीं रख सकता। बाप-बेटी के रिश्ते को गलत तरीके से उछाला गया। क्या बेटी अपने बाप से लाड-प्यार नहीं कर सकती?
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हनीप्रीत
- फोटो : social media
ऐसा क्या सबूत मिला, जिससे मेरे चरित्र पर इल्जाम लगाकर इज्जत खराब की गई। विश्वास गुप्ता के टॉपिक पर तो वह बात ही नहीं करना चाहतीं। बाप-बेटी का रिश्ता पवित्र होता है। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था, इसलिए ही कोर्ट आए।
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Honeypreet Insan Arrest
बाप-बेटी के रिश्ते को किया गया तार-तार : हनीप्रीत
हनीप्रीत ने कहा कि फैसले के दिन पूरी उम्मीद थी कि शाम तक पापा (रामरहीम) वापस घर पहुंच जाएंगे। डेरामुखी के अच्छे कामों को तो दिखाया ही नहीं जा रहा। दो लड़कियों के पत्र पर इतनी बड़ी सजा सुना दी गई। वह लड़कियां आज तक सामने नहीं आईं। इतनी लड़कियों के घर बसाए हैं, उनकी बात कोई नहीं सुनता कि मेरे पापा ऐसा कर ही नहीं सकते। मेरा और डेरामुखी का रिश्ता बाप-बेटी का रिश्ता था, जिसे तार-तार कर दिया गया। उनके बारे में भ्रांतियां फैलाई गईं।
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Honeypreet Insan Arrest
मैंने पिता के साथ डेरे से पंचकूला और यहां से रोहतक जाकर अपने बेटी होने का कर्ज अदा किया है। मेरा यही अनुरोध जनता से है कि उनके बारे में फैलाई जा रही गलत बातों पर विश्वास न करें। चूंकि, जो दिखाया जा रहा, वैसा हमने कुछ नहीं किया। पापा को सजा सुनाने के बाद मैं डिप्रेशन में थी। संभलने का समय ही नहीं लगा। जैसा मुझे गाइड किया गया, वैसा करती रही। पुलिस के सामने पेश न होने के पीछे मेरी कंडीशन को समझिए। डेरे के खास कौन हैं, आज की तारीख में कोई नहीं।
हनी बोली, मुझे फिल्मी दुनिया का कोई शौक नहीं था
हनीप्रीत ने कहा कि मैं तो अपने पापा के साथ देशभक्ति की फिल्में बनाती थीं, देश पर मरने-मिटने की बातें करती थी, मैं देशद्रोही कैसे हो सकती हूं। डेरे के भीतर नरकंकाल होने के आरोप गलत साबित हुए, कोई नरकंकाल मिला क्या। हनीप्रीत कहती हैं कि उन्हें तो फिल्मी दुनिया का कोई शौक ही नहीं था। उन्हें बैक कैमरा पसंद था, इसलिए पर्दे के पीछे ही रहकर काम करना चाहती थीं। उन्हें प्रोडक्शन पसंद था। कभी यह सोचा ही नहीं की हीरोईन की तरह काम करूं। कहते हैं कि पंख की डार बनती है, ये तो पंख भी नहीं है।