ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब चुटकियों का काम है, वो भी बिना किसी झंझट के। हम आपको बता रहे हैं एक तरीका, बस ये डॉक्यूमेंट्स चाहिए।
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ड्राइविंग
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आपको सबसे अपने नजदीकी RTO ऑफिस में जाकर लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई करना होगा। इसके लिए 4 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, रेजिडेंस प्रूफ, एज प्रूफ और फिजिकल फिटनेस का सेल्फ डिक्लरेशन होना जरूरी है। यह सभी डोक्यूमेंट नोटरी से अटेस्ट कराने होंगे।
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ड्राइविंग
रेजिडेंस प्रूफ के तौर पर आप वोटर आईडी कार्ड, रार्शन कार्ड, पासपोर्ट, बिजली बिल, पानी बिल, बैंक की पासबुक जिस पर पता लिखा हो, MTNL, BSNL का फोन बिल, का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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ड्राइविंग
एज प्रूफ के लिए 10 वीं क्लास का सर्टिफिकेट, बर्थ सर्टिफिकेट, पैन कार्ड और CGSH कार्ड मान्य होता है। 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक LMV (लाइट मोटर व्हीकल के लिए) कैटिगरी के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है।
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ड्राइविंग
अब बताए गए सभी जरुरी कागजात को फॉर्म नम्बर 1, 2 और 3 के साथ भर कर RTO ऑफिस में जमा करवा दें। फॉर्म जमा करने के बाद एक टेस्ट होगा। यह टेस्ट ट्रैफिक नियमों से संबंधित होता है। टेस्ट पास करने के बाद आपको लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस दे दिया जाएगा।
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ड्राइविंग
- फोटो : Amar Ujala
लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस 6 महीनों तक मान्य रहता है। लर्निंग लाइसेंस मिलने के एक महीने बाद आप इसे RTO ऑफिस में जमा करवा सकते हैं। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस को जमा करवाने के बाद आपका ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा।
इस टेस्ट को पास करने के बाद परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस आपके पते पर स्पीड पोस्ट से भेज दिया जाएगा। लर्निंग लाइसेंस मिलने के बाद ड्राइविंग सीखने के लिए 6 महीने का समय होता है। अगर 6 महीने में ड्राइविंग सही तरीखे से नहीं सीखी तो लर्निंग लाइसेंस रद्द हो जाएगा।