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PNB घोटाले का मुख्य आरोपी मेहुल चौकसी कौन है और कैसे बनाई 'गीतांजली', जानें

Mon, 26 Feb 2018 03:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मेहुल चौकसी
पंजाब नेशनल बैंक के 11400 करोड़ रुपये के घोटाले का मुख्य आरोपी मेहुल चौकसी कौन है और जानिए उसने गीतांजली को एक ब्रांड कैसे बनाया?
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मेहुल चौकसी
मेहुल चौकसी ने गुजरात के पालनपुर से हीरों की दुनिया में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। मेहुल चौकसी, नीरव मोदी के मामा हैं। मेहुल गहनों के बड़े कारोबारी हैं। ज्वैलरी की दुनिया का एक बड़ा नाम है। मेहुल की कंपनी गीतांजलि का सालाना टर्नओवर करीब 13 हजार करोड़ का है। गीतांजलि का कारोबार देश के साथ-साथ दुनिया भर के कई देशों में भी फैला है। गीतांजलि दुनियाभर में हीरों का निर्यात करती है।

 
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Mehul Choksi in PNB Scam
गीतांजलि कंपनी की स्थापना साल 1966 में सूरत में मेहुल चौकसी के पिता ने की थी। वे जाने-माने कारोबारी थे और उन्होंने हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग के लिए यह कंपनी खोली थी। कंपनी का नाम, मेहुल की दो बहनों गीता और अंजलि के नाम को मिलाकर रखा गया। मात्र 26 साल की उम्र में मेहुल चौकसी ने कंपनी की बागडोर अपने हाथ में ली। फिर शुरू हुआ नाम और शोहरत का खेल और इस कड़ी में सबसे पहले शुरू हुई पहली ब्रांडेड ज्वैलरी लाइन गिली।

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Mehul Choksi, PNB Fraud
2001 से 2005 के बीच गीतांजली समूह ने नक्षत्र, अस्मी, डीडमॉस और संगनी ब्रांड नाम से बाजार में कदम रखे। 2006 से 2016 के बीच मेहुल चौकसी ने अमेरिका में रिटेल चेन रोजर्स एंड सैमुअल, इटली की गियानती इटालिया, डीआईटी और वेलेंटा ब्रांड खरीद लिया। मेहुल ने जब गीतांजलि को संभाला था, तब टर्नओवर 50 करोड़ का था। आज गीतांजली कुल कारोबार 2 अरब डॉलर पहुंच चुका है।
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PNB Scam
अब जानिए बड़ी बात और वो ये कि मेहुल चौकसी पीएनबी घोटाले में आरोपी तो हैं ही, उन्हें चंडीगढ़ की अदालत ने भी भगौड़ा करार दे रखा है। एक करोड़ के चेक बाउंस मामले में पिछले साल मेहुल को भगौड़ा करार दिया गया था। पीएनबी स्कैम में कार्रवाई करते हुए ईडी ने चंडीगढ़ में गीतांजली के आउटलेट पर भी छापेमारी की, जिसमें टीम ने गहनों व कीमती घड़ियों को जब्त किया। जांच के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी कब्जे में लिया।
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