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दिल्ली हिंसा : विवादों में किसान मजदूर संघर्ष समिति, बाकी किसान संगठनों से हमेशा ही जुदा रही है राह

Wed, 27 Jan 2021 02:09 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सरवण सिंह पंधेर। - फोटो : फाइल फोटो
26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा में किसान मजदूर संघर्ष समिति का नाम आ रहा है। इस समिति के सदस्य कृषि कानूनों के विरोध में सितंबर से ही पंजाब के अमृतसर और फिरोजपुर में धरने पर बैठे थे। इसके प्रधान तरनतारन के रहने वाले सतनाम सिंह पन्नू और महासचिव सरवण सिंह पंधेर हैं। किसान आंदोलन में शामिल किसान संगठनों के हर फैसले के विरोध के कारण पहले भी यह समिति चर्चा में है।
 
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सरवण सिंह पंधेर। - फोटो : ANI
कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब के 32 किसान संगठन आंदोलन कर रहे हैं। यह संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा हैं। केवल किसान मजदूर संघर्ष समिति ही इससे अलग है। 27 और 28 नवंबर को दिल्ली कूच का भी पहले समिति ने विरोध किया था। बाद में उन्होंने अपना मंच अलग लगवाया। ट्रैक्टर परेड के लिए भी उन्होंने सबसे अलग सुर साधा था। 

 
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किसान मजदूर संघर्ष समिति। - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब में किसान आंदोलन की शुरुआत में रेल ट्रैक रोकने में भी इस समिति की भूमिका सबसे अहम थी। मालगाड़ियों के लिए रास्ता खोलने का भी इस समिति ने काफी विरोध किया था। समिति के महासचिव सरवण सिंह पंधेर कृषि कानूनों के खिलाफ काफी मुखर होकर बयान देते रहे हैं। पंजाब में किसान आंदोलन के दौरान जब भी सरकार और किसानों के बीच वार्ता हुई, समिति ने उसमें हिस्सा नहीं लिया। केंद्र के हर प्रस्ताव को इस समिति ने मानने से इनकार किया था। 

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सरवण सिंह पंधेर। - फोटो : फाइल फोटो
पंधेर ने कहा था कि 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड दुनिया की सबसे बड़ी परेड होगी। आंदोलन बहुत लंबा चलेगा। यह तभी खत्म होगा जब सरकार कृषि कानूनों को वापस लेगी। पंधेर ने आरोप लगाया कि 11वीं बैठक के बाद ये तय हो चुका है कि भाजपा व आरएसएस किसानों के आंदोलन को बदनाम करने के लिए कोई साजिश रच सकती है। दिल्ली के जिस बॉर्डर पर किसान बैठे हैं वहां के किसान कमेटी गठित कर धरने के चारों तरफ सख्त सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम करें।  
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सरवण सिंह पंधेर। - फोटो : फाइल फोटो
दिल्ली हिंसा पर सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि कुछ बदमाश किसानों के आंदोलन को बदनाम करने के विरोध में शामिल हुए। हमने लाल किले पर झंडे फहराने की योजना नहीं बनाई थी, यह हमारा कार्यक्रम नहीं था। पीएम के साथ दीप सिद्धू की फोटो लगी है, हमने पहले ही उन पर संदेह व्यक्त किया था।
 
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