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पुलगांव अग्निकांड: बेटे की शहादत पर गर्व पर छलक उठीं आंखें

Fri, 03 Jun 2016 08:51 PM IST
जगदीश यादव/अमर उजाला, कोसली(हरियाणा)
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पुलगांव आग में शहीद रण सिंह - फोटो : amar ujala
देश के सबसे बड़े सेना के पुलगांव केंद्रीय आयुध भंडार में लगी आग में हरियाणा के कोसली क्षेत्र के गांव गुड़ियानी के डीएससी के जवान रण सिंह(45) का राजकीय सम्मान के साथ वीरवार को गांव के श्मशान घाट में दाह संस्कार कर दिया गया। दूसरी ओर उनके साथ शहीद हुए नया गांव के सतीश का पार्थिव शव गांव नहीं पहुंच पाया। एक ओर ग्रामीण उनके पार्थिव शव के इंतजार में हैं, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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पुलगांव आग में शहीद रण सिंह - फोटो : amar ujala
प्रशासन की सूचना के अनुसार शहीद सतीश का शव कल दस बजे के बाद आने कि संभावना है। दोपहर में जैसे ही शहीद रण सिंह का शव गांव में पहुंचा तो परिवार में जहां मातम छाया हुआ था। वहीं उसकी दोनों बेटियों नीतू, सपना व दोनों बेटों संजय और नितेष रो-रोकर बेहाल थे। वहीं उनकी पत्नी गुड्डो देवी वहां उपस्थित लोगों को रोने से रोकते हुए बस यही कह रही थी कि उसके पति ने फर्ज पूरा करते हुए शहादत ली है, इस बात का उसे ताउम्र फक्र रहेगा।
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पुलगांव आग में शहीद रण सिंह - फोटो : amar ujala
शहीद रण सिंह के अन्तिम संस्कार में कांग्रेस के एससी सैल के प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश डाबला, नरेन्द्र राजौरा ,भुरथला के सरपंच ताराचन्द , पूर्व सरपंच मीनाक्षी देवी, पूर्व प्राचार्य दयानन्द ,कोसली के थाना इन्चार्ज नरेंद्र कुमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। शहीद रण सिंह का पार्थिव शरीर गांव गुड़ियानी में आने के बाद से लेकर अंत्येष्टि तक भारत माता के जयकारों से आसमान गूंज उठा।

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पुलगांव आग में शहीद रण सिंह - फोटो : amar ujala
शहीद रण सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने के लिए गांव के अलावा आस पास के गावों से  सैकड़ों की तादाद में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। गांव के लोगों ने बताया कि रणसिंह एक मिलनसार व अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने वाले इंसान थे। उनके अंतिम संस्कार में शहीद के साथ आए सूबेदार अनूप गोड़ा ने और प्रशासन की ओर से कोसली के तहसीलदार प्रवीण कुमार ने शहीद को पुष्प अर्पित किए वहीं हरियाणा पुलिस के डीएसपी मो.जमाल  के नेतृत्व में पुलिस के जवानों ने मातमी धुन के साथ शस्त्र सलामी दी।
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पुलगांव आग में शहीद रण सिंह - फोटो : amar ujala
6 मई को ही घर से ड्यूटी के लिये दोबारा हुए थे रवाना: शहीद के बड़े भाई बलवंत ने बताया कि रण सिंह एक माह कि छुट्टी लेकर अप्रैल माह में आए और 6 मई को छुट्टी पूरी कर घर से वापस ड्यूटी पर तैनात होने गए थे। शहीद रण सिंह की दस साल आर्मी में नौकरी के बाद सेवानिवृत्ति हुई थी। जिसके बाद वह राष्ट्रीय सुरक्षा कोर में वर्ष 2001 में भर्ती हुए थे। और अब वह महाराष्ट्र के पुलगांव में स्थित केंद्रीय आयुध भंडार में अपनी सेवा दे रहे थे।
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पुलगांव आग में शहीद रण सिंह - फोटो : amar ujala
शहीद रणसिंह की मां संतोष देवी(76) को जब से बेटे के शहीद होने की खबर मिली है, उसके बाद से मानो उनकी आंखें पथरा सी गई है। लेकिन पथराई आंखों से बेटे के जाने का दु:ख भूल कर उनके साथ आए जवानों की सलामती की दुआ मांगते हुए लव्ज बस यही कहते हैं कि भगवान तुम्हें लंबी उम्र दे।
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