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...और अधूरा सपना बताते-बताते भर आईं अभिनेत्री की आंखें

Wed, 30 Sep 2015 07:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अपने जमाने की इस खूबसूरत अभिनेत्री ने जब अपना अधूरा सपना साझा किया तो उनकी आंखें भर आई। जानिए कौन है वो अदाकारा। रिपोर्टः दीपक शाही, चंडीगढ़
 
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बात हो रही है 80 के दशक की एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों की। वे थियेटर के सिलसिले में चंडीगढ़ आईं। यहां उन्होंने सेक्टर 18 के टैगोर थिएटर में द परफेक्ट वाइफ नाटक का मंचन किया।
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इससे पहले अमर उजाला पत्रकार से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि वे डॉक्टर बनकर समाजसेवा करना चाहती थीं, लेकिन उनका यह सपना अधूरा रह गया। शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था।

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पूनम ने बताया कि उन्होंने 1977 में अखिल भारतीय सौंदर्य प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और पहले स्थान पर रहीं। उसके बाद निर्माता निर्देशक यश चोपड़ा ने अपनी फिल्म ‘त्रिशूल’ में उनसे काम करने की पेशकश की, लेकिन पहले तो उन्होंने इस पेशकश को अस्वीकार कर दिया।
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बाद में उनकी एक पारिवारिक मित्र गार्गी ने उन्हें समझाया कि फिल्मों में काम करना कोई बुरी बात नही है। इसके बाद परिजनों ने उन्हें इस शर्त पर फिल्मों में काम करने की इजाजत दी कि वह स्कूल की छुट्टियों के दौरान ही शूटिंग में हिस्सा ले सकेंगी।
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पूनम ढिल्लों ने इस तरह पूनम के फिल्मी कैरियर की शुरुआत हुई। पहली फिल्म में ही उन्हें संजीव कुमार, शशि कपूर और अमिताभ बच्चन जैसे नामचीन सितारों के साथ काम करने का मौका मिला। यह फिल्म काफी हिट हुई।
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टैगोर थियेटर में किए नाटक में वह लीड रोल में थीं। उन्होंने कहा कि थिएटर और पर्दे की एक्टिंग में बहुत अंतर है। पर्दे पर एक्टिंग  के लिए कई बार रिटेक का मौका मिलता है, थिएटर में  नहीं। थिएटर में पब्लिक तुरंत रिस्पांस करती है। थिएटर से आत्मबल मिलता है।
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ढिल्लों कहती हैं कि मुंबई महानगरी में चकाचौंध तो है लेकिन ऐसी ग्रीनरी और सड़कें नहीं। इसके चलते उनका चंडीगढ़ में अक्सर आना जाना लगा रहता है। 18 अप्रैल, 1962 में यूपी कानपुर में पैदा हुई पूनम का बचपन चंडीगढ़ में बीता है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा चंडीगढ़ कार्मल कान्वेंट हाई स्कूल से पूरी की।
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