नये साल पर अगर आपने भी दोस्तों या परिवार के साथ शिमला, कुल्लू, मनाली जाने का प्लान बनाया है, तो रुक जाइए और ये जानकारी पहले पढ़ लें...
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Shimla
दरअसल, हर साल सर्दियों के मौसम के दौरान लाखों सैलानी शिमला घूमने तथा वहां पड़ती बर्फबारी का आनंद लेने के लिए जाते है। ऊंची पहाड़ियों पर स्थित इस केंद्र पर जब भारी बर्फबारी पड़ती है तो बड़ी तादाद में सैलानी पहुंच जाते है।
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- फोटो : File Photo
व्हाइट क्रिसमस की आस में हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली सहित अन्य पर्यटनों स्थलों पर घूमने आए सैलानियों को निराशा ही मिली। वहीं अब न्यू ईयर पर भी इन स्थानों पर बर्फबारी की उम्मीद लगाने वाले लोगों के लिए बुरी खबर है।
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शिमला जाने वाले ध्यान दें
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न्यू ईयर पर प्रदेश में बर्फबारी नहीं होगी। मौसम विभाग केंद्र शिमला ने यह जानकारी दी है। प्रदेश में बर्फबारी की उम्मीद में बड़ी संख्या में टूरिस्ट उमड़ रहे हैं। शिमला समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
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Kalka-Shimla Highway
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हालांकि कई दिन से धूप खिल रही है। सुबह और शाम को ठंडक महसूस की जा रही है। शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में 31 दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा। उधर, जिला प्रशासन शिमला की ओर से पंजाब, चंडीगढ़ तथा हरियाणा के प्रशासन से सहयोग की मांग की है। एक पत्र जारी किया गया है।
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Shimla
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पत्र में लिखा है कि घूमने के लिए आने से पहले सैलानी बाकायदा होटलों या गेस्ट हाउस में बुकिंग करवा कर ही आएं, क्योंकि मौके पर कमरा न मिलने के कारण सैलानियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। जब शिमला में बर्फ पड़ती है तो यह आमतौर पर 3-4 दिन रहती है। इसके साथ लगते इलाकों कुफरी, नारकंडा तथा अन्य जगहों पर भी बर्फ पड़ती है।
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Shimla
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छोटे बच्चों, बुजुर्गों को अपने साथ न लाएं
बर्फबारी के कारण सड़कों पर हादसे होने का डर बढ़ जाता है। आम देखने में आया है कि यह सड़क हादसे गैर तजुर्बेकार ड्राइवरों की गलती के कारण होते है। सैलानियों को अकेले ड्राइविंग करने से भी संकोच करना चाहिए। सफर सिर्फ दिन के समय ही करना चाहिए। अधिक ठंड से बचने के लिए जरूरी गर्म कपड़े, कंबल, गर्म पानी, दूध तथा पदार्थ साथ लाने चाहिए। हो सके तो सैलानियों को छोटे बच्चों, बुजुर्गों को अपने साथ न लाएं।
हर दस मिनट बाद वाहन का इंजन स्टार्ट करें
भारी बर्फबारी, बर्फानी तूफान की स्थिति में सैलानियों को अपने वाहनों को एक तरफ रोककर पार्किंग लाइटों को चालू कर देना चाहिए। अगर लंबे समय तक रुकना पड़े तो हर दस मिनट बाद वाहन का इंजन स्टार्ट करना चाहिए। इंजन स्टार्ट करते समय वाहन के शीशे थोडे़ थोड़े खुले होने चाहिए। ताकि वाहन के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस पैदा न हो सके। डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल ने सैलानियों को अपील की कि वह शिमला जाने से पहले उपरोक्त हिदायतों की पूर्ण तौर पर पालना करना यकीनी बनाए।