पीजीआई की एक महिला कर्मचारी ने 5वीं मंजिल से कूद आत्महत्या कर ली। घटना रिसर्च ब्लॉक ए में सुबह 11 बजे की है। कर्मचारी मीना ठाकुर इसी ब्लॉक में कांट्रेक्ट पर डॉटा ऑपरेटर के पद पर तैनात थी। महिला के भाई की शिकायत पर उसके पति और ससुराल वालों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस किया है।
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PGI में हाहाकार, मीना ने क्यों मानी जिंदगी से हार?
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मीना ठाकुर हिस्टोपैथोलॉजी डिपार्टमेंट में 2010 से डाटा ऑपरेटर के पद पर तैनात थी। सवा साल पहले उसकी शादी नयागांव निवासी नरेश ठाकुर से हुई थी। मीना के भाई संजय के अनुसार शादी के चार महीने बाद नरेश और उसके परिजन परेशान करने लगे थे। ससुराल वाले मीना से बुरा बर्ताव करते थे।
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रोज की तरह शुक्रवार को भी सुबह करीब नौ बजे मीना अपने आफिस पहुंची। करीब एक घंटे बाद वह पांचवी मंजिल की छत पर पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह फोन पर किसी से बात कर रही थी और चिल्ला रही थी कि वह आत्महत्या करने जा रही है और बात करते-करते उसने छलांग लगा दी।
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मीना के भाई संजय ने बताया कि एक महीने पहले भी मीना रिसर्च ब्लॉक ए की पांचवी मंजिल पर पहुंच गई थी। उसने अपने भाई संजय और नरेश को भी फोन किया था। संजय ने उससे बात की और मां से भी बात करवाई और उसे समझाया। उस दौरान भी घरवालों ने नरेश को समझाकर उसका साथ देने की बात कही थी।
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घटना की सूचना मिलते ही पति नरेश ठाकुर भी पीजीआई पहुंच गया। उसे सामने देखकर मीना के परिजन गुस्से में उसे पीटने के लिए झपटे। पीजीआई कर्मचारी नरेश को बचा कर अंदर ले गए। वह काफी देर तक इमरजेंसी में छुपा रहा, जबकि बाहर मीना का भाई और परिजन उसके निकलने का इंतजार करते रहे।
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रिसर्च ब्लॉक सुसाइड स्पॉट बन गया है। पिछले दस सालों पर नजर डाले तो आठ लोग रिसर्च ब्लॉक की बिल्डिंग से कूद कर आत्महत्या कर चुके हैं। इनमें कुछ कर्मचारी व रेजिडेंट डाक्टर शामिल हैं। बीते 25 अगस्त को भी एक कैंसर पेशंट ने पीजीआई की न्यू ओपीडी से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी।