फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक गलती से 3 पीढ़ियों के दो परिवार खत्म, किसान पर खुदा मेहरबान

Thu, 10 Nov 2016 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
1 of 7
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
तेज रफ्तार ने दो परिवारों के इकलौते चिराग बुझा दिये। पति की पत्नी तो पत्नी का सुहाग छीन लिया। एक पिता को सदा के लिए अकेला कर दिया। तीन घायलों को ऐसा जख्म दिया कि वह पूरी जिंदगी उसकी टीस को नहीं भुला पाएंगे। हादसे में परिवार की तीन पीढ़ियों के पांच सदस्य सदा के लिए दुनिया से चले गए और अपने पीछे यादों के साथ ही गम छोड़ गए हैं। 
विज्ञापन

2 of 7
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि यदि ट्राला चालक वाहन की गति पर नियंत्रण रखता तो शायद मासूम सहित पांच लोग जिंदा होते। तीन लोग अस्पताल में भर्ती न होते। कलानौर पुलिस ने ट्राला चालक की तलाश शुरू कर दी है। 
विज्ञापन

3 of 7
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
शादी के नौ माह बाद छूटा पति का साथ- हादसे में जान गंवाने वाले कपिल की शादी फरवरी-2016 में सरोज के साथ हुई थी। सरोज भी पति के साथ माता के दर्शन करने गई थी। शादी के नौ माह बाद ही हादसे ने सरोज से पति का साथ सदा के लिए छीन लिया। सरोज को भी सिर और पैर में चोट आई है। सरोज को तो अभी तक यह भी मालूम नहीं है कि उसका पति अब दुनिया में नहीं रहा। उसकी हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे देर शाम तक कपिल की मौत के बारे में जानकारी नहीं दी। 

4 of 7
दर्दनाक हादसे में घायल बच्ची - फोटो : अमर उजाला
इकलौते बेटे के एक घंटे बाद पत्नी का भी साथ छूटा- वैसे तो पूरे परिवार पर ही गम का पहाड़ टूटा है, लेकिन सेना से रिटायर्ड सुभाष के भाई पब्लिक हेल्थ में कार्यरत नरेंद्र के जीवन में सबसे बड़े दुख की घड़ी आ गई है। हादसे में नरेंद्र के इकलौते बेटे मानव की मौत हो गई तो एक घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उनकी पत्नी ज्योति ने भी साथ छोड़ दिया। नरेंद्र को भी चेहरे और गर्दन में गहरी चोटें आई हैं। वह उपचाराधीन हैं। 
विज्ञापन

5 of 7
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
सब कुछ खत्म, कैसे दूं ढांढस - मां, पत्नी, बेटे, भतीजे और भाई की पत्नी को खो चुके सुभाष हादसे के बाद से सदमे में हैं। पीजीआई डैड हाउस पहुंचे सुभाष ने बिलखते हुए कहा कि उनका सब कुछ खत्म हो गया। परिजनों को कैसे ढाढ़स दूं। वह जैसे-तैसे करके खुद को संभाल रहे थे। हादसे के बाद परिजन गांव से पीजीआई तक आने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कुछ ही सदस्य पीजीआई पहुंचे, ताकि परिजनों को हादसे के बारे में सुनकर अचानक धक्का न लगे। 
विज्ञापन

6 of 7
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
15 मिनट तक ट्राले के नीचे दबा रहा किसान- इसे संयोग ही कहेंगे कि ट्राले के नीचे 15 मिनट तक दबे रहने के बाद बैलगाड़ी सवार किसान की जान बच गई। हादसे के वक्त जब ट्राला गड्डे में गिरा तो उसकी चपेट में आने से रोड की साइड में चल रही बैलगाड़ी नीचे गिर गई। इससे ट्राले के नीचे बैलगाड़ी के साथ किसान दब गया। करीब पंद्रह मिनट तक बैलगाड़ी के दबने के बारे में किसी को पता नहीं था। बाद में एक प्रत्यक्षदर्शी ने बैलगाड़ी के बारे में बताया तो लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला गया। किसान के पैरों और छाती में चोट लगी है। उसे कलानौर अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
रॉड से गाड़ी की खिड़की तोड़कर निकाले शव- वाहनों की टक्कर इतनी भीषण थी कि इनोवा के परखच्चे उड़ गए। इससे उसमें सवार लोग उसमें दब गए। घायलों और शवों को रॉड से कार की छत तोड़कर बाहर निकाला गया। हादसे से पहले इनोवा के पीछे चलने वाले कार चालक फरीदाबाद निवासी हिमांशु ने बताया कि हादसे के वक्त वह इनोवा गाड़ी के पीछे चल रहा था। अचानक इनोवा में ट्राले की टक्कर लगी और भयानक हादसा हो गया। हादसे की वजह से उनकी भी कार कुछ अनियंत्रित हो गई थी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें