जीने का जज्बा हो तो अपनी मौत को मात दी जा सकता है। ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला चंडीगढ़ में पुलिस मुख्यालय के सामने, जिसे अमर उजाला के फोटोग्राफर अजय वर्मा ने कैमरे में कैद किया। देखिए आप भी।
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शेरदिल चूहा! जीने का जज्बा इतना था कि मौत को मात दे दी
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सड़क पर चूहा उछल कूद कर रहा था। पेड़ पर बैठे कौवे की उस पर नजर पड़ गई। वह नीचे उतर कर आया और उसने चूहे को पूंछ से पकड़ लिया।
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शेरदिल चूहा! जीने का जज्बा इतना था कि मौत को मात दे दी
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अचानक हुए हमले से चूहा घबराया नहीं, बल्कि संघर्ष किया और पूंछ छुड़ाने में कामयाब हुआ। पूंछ छूटते ही उसने कौवे की चोंच पर पलटवार किया। चूहे की हिम्मत देखी पास में बैठी वैवलर चिड़िया भी दंग रह गई।
शेरदिल चूहा! जीने का जज्बा इतना था कि मौत को मात दे दी
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चूहे के पलटवार से कौवा हड़बड़ा गया और अपने पंजों से चूहे को फिर से पकड़ने की कोशिश करने लगा। चूहा भी हार मानने वाला नहीं था। उसने फर्ती दिखाते हुए कौवे से जमकर लोहा लिया।
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आखिरकार चूहे ने छलांग लगाकर, हवा में उछलते हुए कौवे की गर्दन पर पंजे से प्रहार किया। चूहे और कौवे की यह लड़ाई 12 मिनट तक चली और इसमें चूहे की जीत हुई।
शेरदिल चूहा! जीने का जज्बा इतना था कि मौत को मात दे दी
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गर्दन पर हुए प्रहार से कौवा घबरा गया और मैदान छोड़कर भाग गया। चूहा भी मौका मिलते ही अपने बिल की तरफ भाग गया। इससे शिक्षा ये मिलती है कि किस्मत भी साहसी का ही साथ देती है। मुसीबत में हौंसला और संघर्ष ही काम आता है।